Gridih News: खोरीमहुआ मोड़ से अनुमंडल कार्यालय तक भाकपा माले ने निकाला चेतावनी मार्च
Gridih News: भूमि विवाद और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मार्च आदिवासी जमीन की कथित खरीद-बिक्री, सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण समेत किसान, मजदूर एवं आम जनता से जुड़ी वि

Gridih News: खोरीमहुआ, प्रतिनिधि। खोरीमहुआ अनुमंडल क्षेत्र में भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, आदिवासी जमीन की कथित खरीद-बिक्री, सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण समेत किसान, मजदूर एवं आम जनता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भाकपा माले ने सोमवार को चेतावनी मार्च निकाला। मार्च खोरीमहुआ मोड़ से शुरू होकर करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंचा। यहां पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी, खोरीमहुआ के नाम एलआरडीसी सुनील कुमार प्रजापति को स्मार पत्र सौंपा। मार्च का नेतृत्व धनवार के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक राजकुमार यादव, नगर अध्यक्ष विनय संथालिया एवं अशोक पासवन, जिला परिषद सदस्य विजय पांडेय ने कहा कि अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों, अंचल कार्यालयों एवं थानों में बिचौलियों का कथित प्रभाव बढ़ गया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि बिचौलियों के माध्यम से आम लोगों से जुड़े कार्यों में कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है। कहा कि वर्षों से बसे लोगों की जमीन पर भी कथित रूप से भू-माफियाओं और कंपनियों की नजर है। उन्होंने हिंडाल्को कंपनी से जुड़े जमीन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को ऐसे मामलों में किसी प्रकार के दबाव की बजाय दस्तावेजों और कानून के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धनवार, जमुआ सहित पूरे खोरीमहुआ अनुमंडल को कथित लूट का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा。
समय पर जमीन संबंधी मामलों के निपटारे की मांग
एसडीओ के नाम सौंपे गए स्मार पत्र में कहा गया है कि अनुमंडल के पांचों प्रखंड सह अंचलों में लोगों की जमीन संबंधी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। दाखिल-खारिज समेत कई भूमि संबंधी मामले लंबे समय से लंबित रहने के कारण लोगों को कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। भाकपा माले ने आरोप लगाया कि जमीन संबंधी कार्यों के निष्पादन में कथित रूप से लेन-देन की शिकायतें सामने आती हैं। पार्टी ने ऐसे मामलों की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मियों या बिचौलियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की जांच की मांग
स्मार पत्र में आदिवासी जमीन की कथित खरीद-बिक्री को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। इसमें तिसरी प्रखंड के कटकोवा गांव का उल्लेख करते हुए आदिवासी भूमि की कथित खरीद-बिक्री की जांच कराने एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं, खटोरी क्षेत्र में जमीन को हिंडाल्को कंपनी को दिए जाने के मामले की भी जांच कराने की मांग की गई। पार्टी ने संबंधित भूमि के दस्तावेजों एवं पूरी प्रक्रिया की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग प्रशासन से की है।
सूखाड़ घोषित कर किसानों को राहत देने की मांग
स्मार पत्र में क्षेत्र की कथित सूखे की स्थिति को देखते हुए सूखाड़ घोषित करने, किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने तथा प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 40 हजार रुपये तक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा पर्चाधारियों की जमीन पर कमजोर एवं जरुरतमंद लोगों को कब्जा दिलाने तथा 25 वर्षों से अधिक समय से वन भूमि पर निवास कर रहे पात्र आदिवासी एवं अन्य लोगों को नियमानुसार वन पट्टा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
सार्वजनिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
भाकपा माले ने जाति, आवासीय, आय एवं जन्म प्रमाण पत्र समय पर निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही सार्वजनिक जमीन को दबंगों एवं कथित भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने की मांग उठाई। स्मार पत्र में धनवार के दलदल गांव में कथित अतिक्रमण तथा गांवा प्रखंड के बेला गांव की सार्वजनिक जमीन को मैदान एवं विद्यालय मैदान के रूप में सुरक्षित रखने की मांग भी शामिल है। पार्टी ने कहा कि किसान, मजदूर और आम जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। चेतावनी मार्च में मीना दास, कौसल्या दास, भगीरथ पंडित, रीतलाल वर्मा, रंजीत यादव, अरुण वर्मा, रमेश विश्वकर्मा, नन्दलाल यादव, मिथलेश यादव समेत बड़ी संख्या में भाकपा माले कार्यकर्ता एवं समर्थक शामिल हुए।
फोटो: 10 जीआरडी 115 चेतावनी मार्च में शामिल पूर्व विधायक व भाकपा माले के लोग।


