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मुखिया पर विधवा ने लगाया सुअर पालन योजना की राशि गबन करने का आरोप

मुखिया पर विधवा ने लगाया सुअर पालन योजना की राशि गबन करने का आरोप

संक्षेप:

खोरीमहुआ के निमाडीह पंचायत की मुखिया चंद्रशेखर यादव पर सरकारी सुअर पालन योजना की राशि हड़पने का आरोप है। पीड़िता नन्हकी देवी ने बैंक से पैसे निकालकर मुखिया को दिए, लेकिन बाद में पता चला कि वह राशि मनरेगा की नहीं, बल्कि सुअर पालन योजना की थी। अब पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही हैं।

Nov 25, 2025 05:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गिरडीह
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खोरीमहुआ। निमाडीह पंचायत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पंचायत की मुखिया पर सरकारी सुअर पालन योजना की राशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया गया है। विधवा पीड़िता नन्हकी देवी ने घोड़थम्भा ओपी में लिखित आवेदन देकर मुखिया के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कैसे हुई ठगी पीड़िता के अनुसार, पंचायत के मुखिया चंद्रशेखर यादव ने फोन कर बताया कि मनरेगा की राशि खाते में आई है। कहा कि उसकी निकासी के लिए उसे बैंक चलना होगा। नन्हकी देवी उनके साथ एसबीआई अरखांगो पहुंची और 21 फरवरी 2025 को पूरे ₹42,000 की निकासी कर दी।

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पीड़िता ने बताया कि बैंक परिसर में लगे सीसी टीवी कैमरे के सामने ही मुखिया ने पूरे पैसे अपने हाथ में ले लिए। नोटिस आने पर हुआ खुलासा करीब एक माह बाद जब नन्हकी देवी को पशुपालन विभाग से नोटिस आया, तब उन्हें पता चला कि खाते में आई राशि सुअर पालन योजना की थी, न की मनरेगा की। जब इस संबंध में उन्होंने मुखिया से पूछा, तो वह उल्टे डांटते हुए बोला कि नोटिस क्यों लिया, यह आपके लोन का नोटिस है। पीड़िता का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर मुखिया ने धमकी देनी शुरू कर दी और मनमानी करते हुए उनका बैंक खाता भी बंद करा दिया, जिसमें उनकी 1000 मासिक विधवा पेंशन आता था। मुखिया द्वारा कथित तौर पर धमकी दी गई- जो करना है कर लो, न पैसा देंगे न कोई कार्रवाई होगी। पीड़िता ने प्रशासन से लगाई गुहार नन्हकी देवी ने घोड़थम्भा ओपी प्रभारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। दोषी मुखिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। सरकारी योजनाओं का उन्हें समुचित लाभ मिल सके। बंद हुआ बैंक खाता तत्काल पुनः चालू कराया जाए। पीड़िता ने कहा कि मुखिया की ज्यादती के कारण उसे न केवल आर्थिक नुकसान की शिकार हुई हैं, बल्कि उनका पेंशन भी बाधित हो गया है। छवि बिगाड़ने की साजिश: मुखिया वहीं मुखिया चंद्रशेखर यादव ने कहा कि यह मामला एक षड्यंत्र से ज्यादा कुछ नहीं है। कहा कि जिस वक्त की घटना बतायी जा रही है उस वक्त एक सड़क दुर्घटना के कारण पूरी तरह हम बेड रेस्ट में थे। कहा कि कहीं जाना तो दूर बेड से उतरना भी दूभर था। यह एक षड्यंत्र के तहत मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए अगर हम दोषी पाए गए तो सजा के हकदार हैं। नहीं तो हम छवि खराब करने के आरोप में मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे।