
विकास योजनाओं को लंबित रखने पर कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा
देवरी में 2017-18 से 2022-23 तक मनरेगा योजना के तहत 1334 लंबित योजनाओं पर कार्रवाई की गई है। बीडीओ कुमार बंधु कच्छप ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। विभिन्न पंचायतों में सिंचाई, बागवानी और अन्य परियोजनाएं लंबित हैं, जिनका उचित प्रबंधन नहीं हो सका।
देवरी, प्रतिनिधि। देवरी के विभिन्न पंचायतों में साल 2017-18 से 2022-23 तक मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत कुल 1334 लंबित रहने पर संबंधित कनीय अभियंता, पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सेवकों को स्पष्टीकरण करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। देवरी के बीडीओ कुमार बंधु कच्छप के निर्देश पर उक्त कार्रवाई की गई। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2022-23 के बीच मनरेगा के तहत गांवों में सिंचाई कूप, आम बागवानी, डोभा, वर्मी कंपोष्ट, सोख्ता गढ्ढा, मिट्टी मोरम सड़क आदि लंबित योजनाओं को एमआईएस करने में रुचि नहीं लेने पर उक्त कार्रवाई की गई है। इस संबंध में बताया कि वर्ष 2017 - 18 से 2022 - 23 में कुल 1334 योजनाएं लंबित है।
जिसमें असको में 28, बैरिया में 38, बांसडीह में 18, बरवाबाद में 02, बेड़ोडीह में 46, भेलवाघाटी में 88, चहाल में 21, चतरो में 20, चिकनाडीह में 116, ढेंगाडीह में 34, गादिदिघी में 27, घसकरीडीह में 84, घोसे में 38, गुनियाथर में 64, हरला 12, हरियाडीह में 44, जमडीहा में 101, जमखोखरो 25, खटौरी में 25, खटौरी में 29, कोसोगोंदो दिघी में 124, मानिकबाद में 61, मारुडीह में 71, नेकपुरा में 27 परसाटांड़ में 112, सलयडीह उर्फ खोरोडीह में 32, सिकरुडीह में 85, तिलकडीह में 06 योजनाओं को एमआईएस में पूर्ण नहीं किया गया है।

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