
खोरठा साहित्यकार भीम कुमार भारत को किया गया सम्मानित
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय में खोरठा साहित्यकार स्व जनार्दन गोस्वामी की 91वीं जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर युवा शिक्षक भीम कुमार भारत को सम्मानित किया गया। भीम कुमार की खोरठा कहानी 'कलुआ आर जलुआ' को प्रमुखता दी गई। 23 साहित्यकारों को भी उनकी प्रतिभा के लिए सम्मानित किया गया।
गावां, प्रतिनिधि। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद में क्षेत्रीय एवं जन जातीय भाषा केंद्र तथा खोरठा पत्रिका सहिया परिवार द्वारा खोरठा साहित्यकार स्व जनार्दन गोस्वामी व्यथित की 91वीं जयंती सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें गावां के युवा शिक्षक सह कवि व खोरठा साहित्यकार भीम कुमार भारत को अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह, पुष्पगुच्छ व सहिया पत्रिका भेंट कर सम्मानित किया गया। भीम कुमार भारत द्वारा रचित पहली खोरठा कहानी कलुआ आर जलुआ जिसे खोरठा पत्रिका सहिया में प्रमुखता से स्थान दिया गया। सहिया पत्रिका में शामिल भीम कुमार भारत सहित 23 प्रबुद्ध साहित्यकारों व खोरठा भाषा के प्रचार प्रसार में योगदान देनेवाले कलाकारों को भी सहिया परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
ज्ञात हो कि भीम कुमार भारत की प्रथम हिंदी पुस्तक बिखरे फूल काव्य संग्रह तथा दूसरी व पहली खोरठा कविता संग्रह हमर सोना झारखंड पुस्तक का प्रकाशन हो चुका है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बीबीएमकेयू के क्षेत्रीय एवं जन जातीय भाषा के कोऑर्डिनेटर व प्रोफेसर डॉ मुकुंद रविदास, सहिया पत्रिका के संपादक अनिल कुमार गोस्वामी, झारखंड साहित्य अकादमी संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिरोमणी महतो, खोरठा साहित्यकार तितकी संपादक शान्ति भारत, परास फूल संपादक महेंद्र प्रबुद्ध, खांटी मांटी संपादक फाल्गुनी मरीक कुशवाहा, डॉ गजाधर महतो, पंचम महतो, राम किशुन सोनार, छोटू प्रसाद चंद्रप्रभ, प्रो महेश अमन, नेतलाल यादव, जितेन दास, अनिता कुमारी, ममता बनर्जी सहित दर्जनों शिक्षाविद व कलाकार शामिल थे।

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