उसी कॉलेज में पढ़ेंगे 11वीं पास छात्र, झारखंड राज्यपाल ने दे दी अनुमति; किसे किया जाएगा शिफ्ट?
झारखंड के 11वीं पास छात्रों के लिए खुशखबरी है। अब 11वीं पास छात्र उसी कॉलेज में पढ़ सकेंगे जहां से उन्होंने पास किया है। हालांकि, फेल हुए छात्रों को शिफ्ट किया जाएगा।

झारखंड के 42 अंगीभूत कॉलेजों में 11वीं में पास छात्र-छात्राएं 12वीं की पढ़ाई उसी संस्थान से कर सकेंगे। इन कॉलेजों में 11वीं के वैसे छात्र-छात्राएं जो फेल हो गये हैं, उन्हें नजदीकी प्लस टू स्कूल या इंटर कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा। राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार ने इसकी अनुमति दे दी है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के अनुरोध पर राज्यपाल की अनुमति के बाद उनके अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने निर्देश जारी कर दिया है।
नई शिक्षा नीति के अनुसार, अंगीभूत कॉलेजों में इंटर में नामांकन पर रोक लग चुकी है। शैक्षणिक सत्र 2025-27 से इन संस्थानों में 11वीं में नया नामांकन नहीं लिया जाएगा। वैसे छात्र जो पूर्व से यहां नामांकित हैं और जो 11वीं का पाठ्यक्रम पूरा कर लिए हैं, उनके लिए शैक्षणिक वर्ष 2024-26 तक 12वीं की पढ़ाई जारी रखने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि 11वीं पास छात्रों को 12वीं कक्षा का पाठ्यक्रम उसी संस्थान से पूरा होगा।
शिक्षा सचिव ने राजभवन से मांगा था मार्गदर्शन
अंगीभूत कॉलेजों में 12वीं के छात्रों को लेकर स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने राजभवन से मार्गदर्शन मांगा था। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा था कि अंगीभूत कॉलेजों में 11वीं पास करने के बाद 12वीं में छात्रों की पढ़ाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। सीएम के निर्देश के बाद सत्र 2024-26 में 12वीं में पढ़ रहे विद्यार्थियों का नामांकन उनकी सुविधानुसार कॉलेज के पांच किलोमीटर परिधि में करने का पत्र जारी किया गया। इसमें प्लस टू स्कूल, स्थापना अनुमति प्राप्त व प्रस्वीकृति प्राप्त इंटर कॉलेजों में नामांकन के लिए पत्र जारी किया गया। कई जगहों पर पांच किमी परिधि में प्लस टू स्कूल या इंटर कॉलेज नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया था कि झारखंड में 11वीं-12वीं में ड्रॉप आउट रेट को देखते हुए इन संस्थानों के 11वीं पास बच्चों को 12वीं में निरंतर अध्ययनरत रखने की जरूरत है, ताकि सुचारू रहे।
लेखक के बारे में
Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।
राजनीतिक पत्रकारिता में आजम
आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।
पत्रकारिता का उद्देश्य
आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।
विशेषज्ञता ( Area of Expertise )
पॉलिटिकल और क्राइम की खबरें
राजनीति से जुड़े लोगों के इंटरव्यू
क्राइम और वायरल खबरें
पॉलिटिकल एक्सप्लेनर


