
शिवगंगा तालाब का जलस्तर खतरे के निशान पर
संक्षेप: गोड्डा शहर का शिवगंगा तालाब इस समय खतरे में है। जलस्तर बढ़ने से छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट है। नगर परिषद ने बैरिकेडिंग की है और जल निकासी के प्रयास शुरू करने का आश्वासन दिया...
गोड्डा। गोड्डा शहर का प्रसिद्ध शिवगंगा तालाब इन दिनों खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आगामी छठ महापर्व को लेकर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए नगर परिषद हरकत में आया है और शुक्रवार को तालाब के चारों ओर बैरिकेडिंग करवाई गई । बता दे की पिछले 30 वर्षों में पहली बार तालाब का पानी इतना ऊपर आया है। समिति के सदस्यों ने बताया कि इस बार तालाब के बगल के खेत मालिकों द्वारा पानी की निकासी का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिसके कारण तालाब का जलस्तर लगातार बढ़ता चला गया है , स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि तालाब में उतरते ही गर्दन की ऊंचाई तक पानी पहुंच रहा है।
व्रतियों के लिए बनाई गई सीढियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं, जिससे पूजा के दौरान सूप रखने या खड़े होने की भी जगह नहीं बची है। छठ कमिटी के सदस्य और अन्य कार्यकर्ताओं ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे प्रशासन से जल निकासी की मांग कर रहे थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बीच हिंदुस्तान अख़बार द्वारा इस पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद, नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया। नगर परिषद के निर्देश पर शुक्रवार दोपहर तालाब के चारों ओर बैरिकेडिंग करवा दी गई है, ताकि श्रद्धालु अनियंत्रित रूप से गहरे पानी में न जा सकें। वहीं, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि छठ पर्व के दौरान तालाब पर प्रशिक्षित तैराकों की तैनाती की जाएगी, साथ ही एनडीआरएफ टीम को भी अलर्ट पर रखा जाएगा। इसके अलावा प्रशासन ने बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क कर दिया है। घाटों पर अस्थाई प्रकाश व्यवस्था, एंबुलेंस और मेडिकल टीम की व्यवस्था की जा रही है। नगर परिषद ने बताया कि शुक्रवार शाम तक तालाब के आसपास जलस्तर घटाने का प्रयास शुरू कर दिया जाएगा, ताकि व्रतियों को किसी तरह की दिक्कत न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवगंगा तालाब गोड्डा शहर की धार्मिक पहचान है और यहां प्रतिवर्ष हजारों व्रती डूबते सूर्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देने आते हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि छठ पूजा के पूर्व जल निकासी की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि व्रती सुरक्षित वातावरण में पर्व का पालन कर सकें।

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