48 घंटे से अंधेरे में डूबा इलाका, बकरीद की खुशियों पर बिजली संकट का ग्रहण

हिन्दुस्तान, गोड्डा
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महगामा प्रखंड क्षेत्र में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिजली व्यवस्था ठप होने से लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। बकरीद की तैयारियों में बाधा आ रही है, जिससे लोग परेशान हैं। प्रशासन से बिजली बहाल करने की मांग की जा रही है।

48 घंटे से अंधेरे में डूबा इलाका, बकरीद की खुशियों पर बिजली संकट का ग्रहण

महगामा प्रतिनिधि: महगामा प्रखंड क्षेत्र में बीते मंगलवार की मध्य रात्रि आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। एक ओर जहां कई गांवों में पेड़, बिजली पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं पिछले 48 घंटे से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था ने बकरीद की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया।

बिजली संकट

ईद-उल-अजहा जैसे पाक पर्व पर लोगों के घरों में जहां रौनक और खुशियां होनी चाहिए थीं, वहां अंधेरा, उमस और पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।तूफान के दौरान कई जगहों पर बिजली के पोल धराशायी हो गए तथा तार टूटकर सड़क और खेतों में बिखर गए। इसके बाद पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। लगातार दो दिनों से बिजली नहीं रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक संकट पीने के पानी को लेकर उत्पन्न हो गया है।

पानी की किल्लत

समरसेबल और मोटर बंद रहने से घरों में पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मच गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बाल्टी, डिब्बा और अन्य बर्तनों के साथ इधर-उधर पानी की तलाश करते नजर आए। कई लोग सार्वजनिक चापाकलों और कुओं पर लंबी कतार में खड़े दिखाई दिए।बकरीद को लेकर घरों में चल रही तैयारियां भी बिजली संकट के कारण प्रभावित हुईं। सेवई, दूध, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने में लोगों को काफी कठिनाई हुई। बिजली नहीं रहने से फ्रिज बंद पड़े रहे और कई घरों में खाद्य सामग्री खराब होने लगी। वहीं उमस भरी गर्मी के बीच लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। कई मोहल्लों और गांवों में लोग खुले स्थानों और चापाकलों के पास नहाते तथा पानी भरते देखे गए।

स्थानीय लोगों की नाराजगी

कुछ सक्षम परिवारों ने जनरेटर की व्यवस्था कर किसी तरह समरसेबल चलाकर पानी का इंतजाम किया, लेकिन अधिकांश लोग पूरी तरह बिजली और पानी संकट से जूझते रहे। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग तथा प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि पर्व को देखते हुए बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य होना चाहिए था, लेकिन अब तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत कर बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और बकरीद की बची हुई खुशियां फिर से लौट सकें।

सामान्य प्रश्न

महगामा में तूफान से क्या प्रभावित हुआ?
महगामा में आए तूफान ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। कई गांवों में पेड़, बिजली पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए।
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