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जिले में मलेरिया मरीजों की संख्या में आई कमी

मलेरिया कालाजार के लिए डेंजर जोन में शामिल जिले में इस वर्ष आई कमी के बावजूद प्रकोप जारी है। मुख्य रूप से प्रभावित जिले के दो पहाड़ी प्रखंड बोआरीजोर एवं सुंदरपहाड़ी में अब भी कालाजार मलेरिया मरीजों की बड़ी तादाद मौजूद हैं। हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जिले में तकरीबन 60 फीसदी मरीज कम पाए गए हैं। बावजूद मलेरिया का प्रकोप बरकरार है। इस वर्ष की बात करें तो अब तक जिले में मलेरिया से 661 मरीज ग्रसित हुए हैं। जिनमें 357 पीएफ एवं 303 पीभी मरीज शामिल है। अब तक जिले भर में मलेरिया ब्रेन मलेरिया के लिए 84812 स्लाइड की जांच की जा चुकी है। जिनमें 661 मरीजों की पुष्टि हुई। गत माह अगस्त की बात करें इस माह में ही 91 मलेरिया पीड़ित पाए गए । जिनमें 54 पीएफ एवं 36 पीवी मरीज शामिल थे। इधर कालाजार की बात करें तो इस वर्ष कालाजार के मरीजों की संख्या में भी कोई कमी नहीं आई है। इस वर्ष अब तक 116 मरीजों की खोज की जा चुकी है। सिर्फ अगस्त माह में ही कालाजार से 22 मरीज ग्रसित पाए गए। कालाजार उन्मूलन के लिए निर्धारित इस वर्ष तक जिले से इसे समाप्त कर पाना मुमकिन नहीं दिख रहा। गत वर्ष की तुलना में आई है भारी कमी: मलेरिया कालाजार को लेकर विभाग द्वारा किए जा रहे लगातार प्रयास के बाद इस वर्ष मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। पिछले वर्ष की तुलना करें तो वर्ष 2017 में 1736 मरीज मलेरिया की चपेट में आए थे। वहीं इस वर्ष अब तक महज 661 मरीज ही पाए गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित सुंदर पहाड़ी एवं बोआरीजोर में भी मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। गत वर्ष सुंदरपहाड़ी में जाएं 1118 मलेरिया पीड़ित पाए गए थे वहीं इस वर्ष अब तक महज 343 मरीज ही मलेरिया से ग्रसित हुए हैं। वही बोआरीजोर में भी गत वर्ष 141 मरीज मलेरिया की चपेट में आए थे वहीं इस वर्ष अब तक महज 63 मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रखंडों में सदर प्रखंड में गत वर्ष 44 मरीज पाए गए थे वहीं इस वर्ष 11 मरीज सामने आए हैं। पथर गामा में गत वर्ष जहां 75 मरीज पाए गए थे वहीं इस वर्ष 37 मरीज अब तक सामने आए हैं। इधर सदर अस्पताल की बात करें तो गत वर्ष 103 मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए थे वहीं इस वर्ष अब तक महज 27 मरीज ही सदर अस्पताल में इलाज कर आए हैं। मलेरिया ब्रेन मलेरिया में हालांकि काफी गिरावट आई है बावजूद अब भी इसका प्रकोप जारी है। एक लाख से अधिक मच्छरदानी का हुआ वितरण मलेरिया कालाजार की रोकथाम के लिए विभाग इस वर्ष काफी सक्रिय रहा। प्रभावित इलाकों में लगातार दवा छिड़काव एवं मच्छरदानी के वितरण से मलेरिया मरीजों में काफी कमी आई। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष अब तक 1,36, 301 मच्छरदानी का वितरण जिले में किया गया है। मच्छरदानी वितरण की बात करें सबसे अधिक पोड़ैयाहाट प्रखंड में मच्छरदानी का वितरण किया गया। जहां 55690 लोगों को मच्छरदानी उपलब्ध कराया गया है। वही सदर प्रखंड में 33483, पथरगामा में 32465, बोआरीजोर में 5058, सुंदर पहाड़ी में 4518, ठाकुरगंगटी में 1130 एवं महागामा में 1958 मच्छरदानी का वितरण विभाग द्वारा कराया गया। हालांकि छिडकाव एवं मच्छरदानी वितरण के बाद मरीजों की संख्या में निश्चित कमी आई बावजूद अभी सैकड़ों मरीज जिले में मलेरिया ब्रेन मलेरिया से ग्रसित हैं।मलेरिया कालाजार की रोकथाम के लिए विभाग सतत प्रयत्नशील है। खोज पखवारा आयोजन कर प्रखंड स्तर पर मलेरिया व कालाजार के मरीज की जांच की जा रही है। वहीं प्रभावित इलाकों में छिड़काव एवं मच्छरदानी का वितरण कराया गया है। इस वर्ष इसके बेहतर परिणाम आए हैं। विभाग का प्रयास है जल्द ही मलेरिया कालाजार पर नियंत्रण पा लिया जाए। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया कालाजार की दवाएं प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं।-डॉ.राम प्रसाद, जिला मलेरिया पदाधिकारी, गोड्डा।

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  • Web Title:Reduction in the number of malaria patients in the district