Godda News: सुहाग और सुख समृद्धि की कामना के साथ मधुश्रावणी का तीसरा दिन सम्पन्न
Godda News: महागामा प्रखंड क्षेत्र में सोमवार से नवविवाहित महिलाओं का मधुश्रावणी व्रत शुरू हुआ। तीसरे दिन, सोनम कुमारी ने विधि-विधान के साथ कथा का श्रवण किया। इस व्रत को धार्मिक अनुष्ठान और मिथिला की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक परंपराओं का प्रतीक माना जाता है।

Godda News: गोड्डा, प्रतिनिधि। महागामा प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों के मैथिल ब्राह्मण परिवारों में सोमवार से नवविवाहित महिलाओं का आस्था, श्रद्धा और परंपरा का महापर्व मधुश्रावणी व्रत शुरू हुआ आज तीसरा दिन है। व्रत को लेकर घर-घर में धार्मिक उल्लास का माहौल देखी जा रही है। इसी क्रम में महागामा निवासी पंडित कौशलेश झा की नवविवाहित पुत्री सोनम कुमारी ने पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मधुश्रावणी व्रत के तीसरे दिन की कथा का श्रवण किया। कथा में दांपत्य जीवन की मर्यादा प्रेम,विश्वास, घैर्य पारिवारिक संस्कार तथा धर्म के महत्व का वर्णन के अलावे महादेव पार्वती के गीत सभी शामिल किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से भगवान शिव-पार्वती, भगवान गणेश, माता विषहरी तथा नाग-नागिन की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान कोहवर और सुहाग गीतों की मधुर स्वर-लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मधुश्रावणी व्रत का महत्व
सोनम कुमारी ने बताया कि मधुश्रावणी व्रत नवविवाहित महिलाओं के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। उन्होंने बताया कि 13 दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, कथा-श्रवण और धार्मिक नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया जाएगा। व्रत अवधि में नमक का सेवन नहीं किया जाता तथा पारंपरिक रीति-रिवाजों का विशेष रूप से पालन किया जाता है।सोनम कुमारी ने कहा कि मधुश्रावणी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि मिथिला की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और वैवाहिक जीवन के संस्कारों का भी प्रतीक है।
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