गोड्डा में बेकाबू रफ्तार का कहर, एक महीने में एक दर्जन मौत, 25 से अधिक घायल
गोड्डा जिले में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसमें पिछले एक सप्ताह में सात लोगों की मौत हुई है। मुख्य कारण तेज रफ्तार और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हैं। प्रशासन से सख्ती की मांग की जा रही है ताकि हादसों को रोका जा सके।

गोड्डा संवाद सूत्र। गोड्डा जिले में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज रफ्तार और लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। बीते एक सप्ताह के भीतर ही अलग अलग थाना क्षेत्रों में हुए सड़क दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। जानकारी के अनुसार, अप्रैल से लेकर मई माह के शुरुआती दिनों तक जिले में हुई बड़ी सड़क दुर्घटनाओं में अब तक करीब एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन हादसों में अधिकतर मामले बाइक और कार की टक्कर, हाइवा की चपेट या अनियंत्रित वाहनों से जुड़े हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि अधिकांश दुर्घटनाएं ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार के कारण हो रही हैं। कई मामलों में बाइक चालक बिना हेलमेट के पाए गए, जिससे हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से मौत तक हो गई। वहीं, कुछ घटनाओं में शराब के नशे में वाहन चलाना भी बड़ा कारण बना है।
एनएच 133 और 333 बने हादसों के हॉटस्पॉट :-
जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-133 और 333 पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। 12 अप्रैल को एनएच-133 पर पिकअप वाहन पलटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अगले दिन 13 अप्रैल को हाइवा ने एक साइकिल सवार को टक्कर मार दी, जिससे उसकी जान चली गई। 29 अप्रैल को नशे में धुत तेज रफ्तार बाइक चालक ने दूसरी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। वहीं 2 मई को महगामा क्षेत्र में हाइवा की चपेट में आने से बुलेट सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। 3 मई को एनएच-133 पर सड़क किनारे खड़े वाहन से टकराने के कारण एक युवक की जान चली गई, जबकि एनएच-333 पर आमने-सामने की टक्कर में एक अन्य युवक की मौत हो गई। इससे पहले भी महगामा और नगर थाना क्षेत्रों में तेज रफ्तार के कारण कई हादसे हो चुके हैं।
लापरवाही बन रही जानलेवा:-
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर हादसों में वाहन चालक तेज गति के कारण नियंत्रण खो देते हैं। नवनिर्मित हाईवे पर तेज रफ्तार बाइक , ओवरटेकिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना और शराब पीकर ड्राइविंग जैसी लापरवाहियां आम हो गई हैं, जो इन दुर्घटनाओं को और गंभीर बना रही हैं।
प्रशासन से सख्ती की उठ रही मांग :-
लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नियमित जांच अभियान, हेलमेट और सीट बेल्ट की सख्ती से जांच, तथा ड्रिंक एंड ड्राइव पर कड़ी कार्रवाई ही इन हादसों पर अंकुश लगा सकती है। इसके साथ साथ लोगों को एनएच पर ड्राइविंग को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाने की जरूरत है । अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भयावह हो सकती है।
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