महगामा समेत विभिन्न ईदगाहों में पढ़ी गई बकरीद की नमाज
महगामा प्रखंड क्षेत्र में ईद उल अजहा का पर्व धर्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय ने ईदगाह में नमाज अदा की और अमन-चैन की दुआ मांगी। इमाम मुफ्ती मंजूर आलम ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निगरानी रखी।
महगामा प्रतिनिधि: गुरुवार को महगामा प्रखंड क्षेत्र में ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया।
ईद उल अजहा का पर्व
महगामा,लौंगाय,कसबा, जटामा,नयानगर,शीतल,नारायणी,कुशमहरा सहित विभिन्न ईदगाहों एवं मस्जिदों में सुबह से ही मुस्लिम अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर ईदगाह पहुंचकर सामूहिक रूप से ईद उल अजहा की नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन,भाईचारा एवं खुशहाली की दुआ मांगी।खैराटिकर ईदगाह में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की।
कुर्बानी का महत्व
इस अवसर पर इमाम मुफ्ती मंजूर आलम ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को आपसी भाईचारा, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश दिया। नमाज समाप्त होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह देखा गया।ईदगाहों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। स्थानीय पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्थानों पर निगरानी रखी गई ताकि पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। वहीं कई स्थानों पर सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं।
सौहार्दपूर्ण माहौल
पूरे क्षेत्र में ईद उल अजहा का पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया, जिससे भाईचारे और एकता का संदेश देखने को मिला।


