Hindi NewsJharkhand NewsGodda NewsArya Samaj Emphasizes Importance of Knowledge and Spirituality at Weekly Vedic Havan
धार्मिक पुरुष पर शत्रु भी भरोसा करते हैं : विद्यानिधि आर्य

धार्मिक पुरुष पर शत्रु भी भरोसा करते हैं : विद्यानिधि आर्य

संक्षेप:

आर्य समाज के वैदिक पुरोहित विद्यानिधि आर्य ने ज्ञान और बुद्धि की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि पवित्रता के लिए ज्ञान आवश्यक है। उन्होंने महाभारत के संदर्भ में धर्म और आध्यात्मिकता की चर्चा की।...

Mon, 20 Oct 2025 01:08 AMNewswrap हिन्दुस्तान, गोड्डा
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मेहरमा, एक संवाददाता। ज्ञान से बढ़कर मनुष्य को पवित्र करने वाला कोई भी साधन नहीं है। आर्य समाज के सभी कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री महामंत्र से की जाती है। जिसमें ज्ञान और बुद्धि की कामना की गई है। ज्ञान और बुद्धि न हो तो मनुष्य अज्ञानता में ही रहेंगे। ज्ञान शुद्ध होगा तो कर्म भी शुद्ध होगा। उक्त बातें आर्य समाज के वैदिक पुरोहित विद्यानिधि आर्य ने रविवार को आर्य समाज मंदिर चपरी में सार्वजनिक रूप से आयोजित साप्ताहिक वैदिक हवन यज्ञ के पश्चात प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण आप्त पुरुष थे। अर्थात जिसका ज्ञान ठीक-ठीक हो।

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उन्हें आप्त पुरुष कहा जाता है। तर्क और प्रमाण के आधार पर ही ज्ञान को ठीक और शुद्ध कहा जा सकता है। जो शास्त्र अनुकूल बात करता है। उसी का ज्ञान सही हो सकता है। विद्यानिधि ने कहा कि पढ़ाई के बाद उसके अनुसार आचरण भी जरूरी है। जो मनुष्य धार्मिक होता है, उस पर शत्रु भी भरोसा करते हैं। उदाहरण स्वरूप महाभारत की चर्चा करते हुए कहा कि द्रोणाचार्य कौरव के पक्ष से लड़ रहे थे। परंतु उन्हें शत्रु पक्ष के युधिष्ठिर पर भरोसा था। इसलिए कि युधिष्ठिर आध्यात्मिक पुरुष थे। धर्म के अनुकूल जीवन होने पर मनुष्य सुख और दुख का अनुभव मन से करता है। सुखी रहना है तो ज्ञान जरूरी है।कहा कि जीवात्मा और परमात्मा एक साथ रहते हैं। ईश्वर चेतन हैं। सर्वज्ञ हैं। सृष्टि के आरंभ में ऋषियों के गुरु ईश्वर ही थे। ईश्वर के पास अनंत ज्ञान और बल है। मनुष्य को चाहिए कि वह भोग करते हुए मोक्ष को प्राप्त करे। वेद को ही धर्म का मूल बताया गया है। कहा कि सेवा,परोपकार दया, ईश्वर की उपासना शुद्ध हो तो हम भी आध्यात्म के मार्ग पर चल सकते हैं। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और ईश्वर के मुख्य नाम ओउम् की ध्वनि से किया गया। इस अवसर पर डाक्टर जवाहरलाल आर्य, राजकुमार आर्य, धनेश्वर प्रसाद,अनिल आनंद, जिछेन्द्र साह, सुबोध आर्य सहित अन्य उपस्थित थे।