मानसून से पहले नहीं सुधरी जल निकासी व्यवस्था, तो बरसात में टुकूटोली के घरों में प्रवेश कर जायेगी

हिन्दुस्तान, गुमला
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मानसून से पहले नहीं सुधरी जल निकासी व्यवस्था,तो बरसात में टुकूटोली के घरों में प्रवेश कर जायेगी मानसून से पहले नहीं सुधरी जल निकासी व्यवस्था,तो बरसात

मानसून से पहले नहीं सुधरी जल निकासी व्यवस्था, तो बरसात में टुकूटोली के घरों में प्रवेश कर जायेगी

गुमला प्रतिनिधि मानसून की दस्तक से पहले ही शहर के कई मुहल्लों में जलजमाव की समस्या लोगों की चिंता बढ़ाने लगी है। हल्की और मध्यम बारिश के बाद ही कई इलाकों में पानी जमा होने लगा है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो इस बार भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नगर क्षेत्र के टुकूटोली, बैंक कॉलोनी, दुंदुरिया, हुसैन नगर, डीएसपी रोड, करम टोली, बाजार टांड़, खड़ियापाड़ा और गौस नगर समेत कई मुहल्लों में वर्षों से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं बन पाई है। सबसे अधिक परेशानी टुकू टोली के निचले मुहल्ले के लोगों को झेलनी पड़ती है। लगभग दो हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में बारिश के दौरान सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और बरसाती पानी कई घरों तक पहुंच जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष मानसून से पहले नगर परिषद की ओर से नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर इसका असर नजर नहीं आता। परिणामस्वरूप बारिश होते ही सड़कों और गलियों में पानी जमा हो जाता है। कई बार नाली का गंदा पानी घरों में घुस जाता है, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। मुहल्लावासियों के अनुसार जलजमाव के कारण बोरिंग और कुओं का पानी भी दूषित हो जाता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। वहीं, आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। विशेषकर बाइक चालकों, स्कूली बच्चों और पैदल चलने वालों को सबसे अधिक कठिनाई झेलनी पड़ती है।शहर के नए विकसित इलाकों में भी ड्रेनेज व्यवस्था का अभाव है। कई स्थानों पर नालियां बनी तो हैं, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। इससे घरों का गंदा पानी भी सड़कों पर जमा रहता है और सड़कें गंदे तालाब का रूप ले लेती हैं। मुहल्लावासियों ने नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों से मानसून शुरू होने से पहले व्यापक स्तर पर नालियों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस बार लोगों को जलजमाव की समस्या से राहत मिल सके。

बारिश में सड़क बन जाती है तालाब

टुकूटोली के निचले मुहल्ले में बारिश का मौसम शुरू होते ही लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसाती पानी सड़कों पर जमा रहता है। नालियों की क्षमता कम होने और कई स्थानों पर निकासी मार्ग अवरुद्ध रहने से पानी निकल नहीं पाता। लगातार बारिश होने पर सड़क पर दो-दो फीट तक पानी भर जाता है। ऐसे में पैदल चलना, बाइक चलाना और दैनिक कार्यों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ती है।

घरों में घुस चुका है गंदा पानी

टुकूटोली समेत शहर के 10 से अधिक मोहल्लों के लिए मानसून हर साल नई मुसीबत लेकर आता है। बीते कई वर्षों में लगातार हुई बारिश के दौरान पूरा इलाका जलमग्न हो चुका है। जलजमाव बढ़ने पर कई घरों में नाली और बरसात का गंदा पानी घुस गया था, जिससे घरेलू सामान खराब हो गए थे। लोगों को पूरी रात जागकर घरों में भरे पानी को बाहर निकालना पड़ा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जलजमाव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता पर होंगे कार्य: शकुंतला

नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने कहा कि शहर के कई इलाकों में जल निकासी और ड्रेनेज सिस्टम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नगर परिषद इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए चरणबद्ध तरीके से नालों और नालियों की सफाई, मरम्मत तथा नई नालियों के निर्माण का कार्य करा रही है। जिन क्षेत्रों में नालियों का अभाव है, वहां सर्वे कराया जा रहा है। जलजमाव प्रभावित इलाकों को प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने बताया कि मानसून से पूर्व सभी नालियों की सफाई शुरू कर दी जाएगी।

फोटो 3 सुरेश उरांव

हर वर्ष बरसात के दौरान मुहल्ले की सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। कई स्थानों पर नालियों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि आधी-अधूरी नालियों को जल्द पूरा कराया जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि लोगों को बारिश के मौसम में राहत मिल सके।

सुरेश उरांव

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फोटो 4 सहदेव गोप

टुकूटोली के निचले मुहल्ले में हर बरसात के दौरान जलजमाव की स्थिति बन जाती है। नालों की सफाई और उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने से बरसाती पानी लंबे समय तक जमा रहता है। उन्होंने कहा कि यदि नालों को दुरुस्त कर उनकी समुचित निकासी सुनिश्चित कर दी जाए तो लोगों को इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

सहदेव गोप

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फोटो 5 घिढू उरांव

बारिश होने के बाद सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि आवागमन प्रभावित हो जाता है। खासकर स्कूली बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार सड़क पूरी तरह तालाब जैसी नजर आती है। उन्होंने कहा कि जल निकासी की बेहतर व्यवस्था होने पर लोगों को राहत मिलेगी और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी।

घिढू उरांव

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फोटो 6अमृत लकड़ा

बारिश के बाद मुहल्ले में जलजमाव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। सड़कों और गलियों में पानी जमा रहने से लोगों को दैनिक कार्यों में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

अमृत लकड़ा

सामान्य प्रश्न

गुमला के किस क्षेत्र में जलजमाव की समस्या अधिक है?
गुमला के टुकूटोली के निचले मुहल्ले में जलजमाव की समस्या अधिक है।
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