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बीआरओ के शहीद जवान महेश को गॉड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

बीआरओ के शहीद जवान महेश को गॉड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

संक्षेप:

पैतृक गांव नवागढ़ नारोटोली में शोक की लहर पैतृक गांव नवागढ़ नारोटोली में शोक की लहरपैतृक गांव नवागढ़ नारोटोली में शोक की लहरपैतृक गांव नवागढ़ नारोटोली

Dec 28, 2025 11:32 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुमला
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रायडीह, प्रतिनिधि । सीमांत सड़क संगठन (बीआरओ) के वीर जवान 54 वर्षीय शहीद महेश लोहरा को रविवार को उनके पैतृक गांव नवागढ़ नारोटोली में गॉड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और माहौल गमगीन हो गया। परिजनों सहित ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। नवागढ़ नारोटोली निवासी महेश लोहरा वर्ष 2000 में सीमांत सड़क संगठन में बहाल हुए थे और देश की सेवा में निरंतर कार्यरत थे।

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वर्तमान में उनकी तैनाती हिमाचल प्रदेश के कुलू-मनाली क्षेत्र में थी। शहीद की पत्नी सुनीता देवी ने बताया कि 24 दिसंबर को उनकी फोन पर बात हुई थी। उस दिन बड़े बेटे शिवम लोहरा का जन्मदिन था। जिस पर महेश लोहरा ने फोन कर बधाई और शुभकामनाएं दी थीं तथा बच्चों से भी बातचीत की थी। सुनीता देवी ने बताया कि 25 दिसंबर को उन्हें विभाग के वरीय अधिकारियों द्वारा फोन पर सूचना दी गई कि महेश लोहरा का निधन हो गया है। अधिकारियों के अनुसार 24 दिसंबर को ड्यूटी समाप्त करने के बाद वे भोजन कर अपने कक्ष में विश्राम करने गए थे। 25 दिसंबर की सुबह देर तक जब वे नहीं उठे तो सहकर्मियों ने उनके कक्ष में जाकर देखा। जहां वे अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में पाए गए। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। यह एक आकस्मिक मृत्यु बताई गई है।शहीद जवान अपने पीछे पत्नी सुनीता देवी और दो पुत्र शिवम लोहरा (21 वर्ष) एवं आशिष लोहरा (17 वर्ष) को छोड़ गए हैं। वर्तमान में शहीद का परिवार रांची में निवास करता है। 27 दिसंबर को शहीद के पार्थिव शरीर को हवाई जहाज से रांची लाया गया। जहां से देर रात उनके पैतृक गांव नवागढ़ नारोटोली पहुंचाया गया। रविवार को गांव में पूरे सम्मान के साथ गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।