जिंदा चट्टीटोली सोलर जलमीनार बेकार, ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर

Apr 05, 2026 11:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, गुमला
share

अप्रैल की शुरुआत होते ही सिसई प्रखंड में पेयजल संकट गहरा गया है। नदी, तालाब और कुएं सूखने लगे हैं और कई जलमीनार खराब पड़े हैं। ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं, जबकि सोलर जलमीनारों का उपयोग नहीं हो रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे नाराजगी बढ़ी है।

जिंदा चट्टीटोली सोलर जलमीनार बेकार, ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर

सिसई, प्रतिनिधि। अप्रैल माह की शुरुआत होते ही प्रखंड क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने लगा है। नदी, तालाब, कुआं और चापानल सूखने लगे हैं। वहीं कई जगहों पर जलमीनार खराब पड़े हैं। इसके कारण कई गांवों के लोग आज भी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं।सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर गांव-गांव में सोलर जलमीनार लगाए गए हैं। इसके लिए पंचायत के मुखिया और पेयजल व स्वच्छता विभाग को राशि भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन अधिकांश जलमीनार आज उपयोग में नहीं हैं। कई जगहों पर टंकियां झाड़ियों से घिर चुकी हैं,तो कहीं उनका उपयोग पशु बांधने में हो रहा है।

प्रखंड के बरगांव उत्तरी पंचायत अंतर्गत जिंदा चट्टीटोली गांव में भी यही स्थिति देखने को मिली। यहां करीब पांच सौ की आबादी के लिए पांच चापाकलों को हटा कर सोलर जलमीनार लगाए गए,लेकिन एक भी जलमीनार से पानी नहीं निकल रहा है। इसके चलते ग्रामीण सिंचाई कुआं, डाड़ी, चुंआ के दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पहले खराब पड़े चापाकलों में ही जलमीनार लगा दिए गये। जो शुरू से ही काम नहीं कर रहे हैं। बरसात के दिनों में स्कूल परिसर का टंकी कुछ समय तक पानी देता था,लेकिन वह भी पिछले छह माह से खराब पड़ा है।ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार और चापाकलों की मरम्मत के लिए कई बार पंचायत में शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। निर्माण के समय से ही जलमीनारों के खराब रहने से सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।