
गुमला में हर 56 घंटे में एक व्यक्ति कर रहा आत्महत्या, युवा सबसे अधिक प्रभावित
गुमला में हर 56 घंटे में एक व्यक्ति कर रहा आत्महत्या, युवा सबसे अधिक प्रभावित गुमला में हर 56 घंटे में एक व्यक्ति कर रहा आत्महत्या, युवा सबसे अधिक प्र
गुमला, प्रतिनिधि । गुमला जिले में आत्महत्या के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। खास कर युवा वर्ग में आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ती जा रही है। वर्ष 2024 में जहां कुल 120 लोगों ने आत्महत्या कर अपनी जान गंवाई थी,वहीं 2025 के जनवरी से नौ सितंबर तक महज 250 दिनों में 107 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। यानी औसतन हर 56 घंटे में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है। यह आंकड़ा जिले के लिए गंभीर खतरे की घंटी है। आत्महत्या करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या विद्यार्थियों और वृद्ध लोगों की है। छोटी-छोटी परेशानियों जैसे पॉकेट खर्च के लिए पैसे न मिलना,मोबाइल या बाइक न मिलना, नशा करने पर परिजनों की डांट,यहां तक कि मामूली विवाद भी युवाओं को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं।

विद्यार्थी वर्ग में आत्महत्या की घटनाएं परिजनों को गहरे सदमे में डाल रही हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में संघर्ष की भावना की कमी और मानसिक दबाव को सही तरीके से संभालने में असमर्थता बड़ी वजह है। अक्सर अभिभावक यह पहचान नहीं पाते कि उनका बच्चा मानसिक रूप से परेशान है।नतीजतन कई जिंदगियां समय से पहले खत्म हो रही हैं। मनो रोग चिकित्सक डॉ. शारिब अहमद बताते हैं कि युवाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति का मुख्य कारण तनाव को नहीं झेल पाना और परिवारिक संवाद का अभाव है। आज की पीढ़ी छोटी-छोटी असफलताओं से टूट रही है क्योंकि उनमें सहनशीलता और समस्याओं से जूझने की क्षमता घटती जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों के साथ नियमित बातचीत करें, उनकी भावनाओं को समझें और जरूरत पड़ने पर समय रहते सहायता प्रदान करें।उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। कल विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही जागरूकता फैलाने के लिए स्कूल, कॉलेज और अन्य स्थानों पर अभियान चलाया जाएगा।

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