ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News झारखंड गुमलाडीसी की अध्यक्षता में डीएलसीसी और डीएलआरसी की समीक्षा बैठक

डीसी की अध्यक्षता में डीएलसीसी और डीएलआरसी की समीक्षा बैठक

केंद्र और राज्य की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंक की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है: डीसी केंद्र और राज्य की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंक की...

डीसी की अध्यक्षता में डीएलसीसी और डीएलआरसी की समीक्षा बैठक
default image
हिन्दुस्तान टीम,गुमलाFri, 21 Jun 2024 11:30 PM
ऐप पर पढ़ें

गुमला संवाददाता।उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिलास्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) व जिला स्तरीय समीक्षात्मक समिति (डीएलआरसी) की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने बैंकवार हुए कार्यों की समीक्षा कर लक्ष्य के अनरूप कार्य करने का निर्देश दिया। इस दौरान जिले के सभी बैंक प्रबंधकों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बैंक की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक ने बैंकवार विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी गई। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के मार्च तिमाही तक जिले का सीडी रेसियों 31.96 प्रतिशत रहा । जिसमें पिछले दिसम्बर तिमाही की तुलना में 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है ,जो कि संतोषजनक नहीं है। जिले का सीडी रेसियों कम से कम 40 प्रतिशत होना चाहिए। उपायुक्त ने सभी बैंकों को आवश्यक प्रयास कर सीडी रेसियों में सुधार लाने का निर्देश दिया। उधर वार्षिक साख योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के समाप्त मार्च तिमाही तक कुल ऋण वितरण की उपलब्धि 94.16 प्रतिश्सत रही। कृषि क्षेत्र में कुल उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य का 73.66 प्रतिशत, एमएसएमई में 136.01 प्रतिशत व प्राथमिक क्षेत्र में 92.89 प्रतिशत एवं गैर प्राथमिक क्षेत्र में 97.12 प्रतिशत रही। इसी प्रकार केसीसी अंतर्गत वितीय वर्ष 2023-24 के समाप्त मार्च तिमाही तक 14691 केसीसी ऋण का वितरण किया गया, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 46.76% है। जिसमें झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा 8353 और बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 3068 केसीसी जारी किया गया। केसीसी पशुपालन व मत्स्य पालन के अंतर्गत अंतिम तिमाही तक कुल क्रमशः 24 व 54 आवेदनों की स्वीकृति प्रदान की गई है। बैठक में एलडीएम ने यह भी बताया गया की वित्तीय वर्ष 2023- 24 के समाप्त मार्च तिमाही तक जिले में कुल 4574 समूहों का क्रेडिट लिंकेज किया गया। जिसके अंतर्गत संवितरण राशि 10014.82 लाख है। जिस पर उपायुक्त से जेएसएलपीएस डीपीएम को लिंकेज के उपरांत समूहों द्वारा अधिक से अधिक ऋण उपयोगिता सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया। जिले में प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के अतर्गत कुल 31261 लाभुकों को 15332.39 लाख ऋण वितरण किया गया। जिसमें शिशु, किशोर, एवं तरूण में क्रमशः 25881, 5043, एवं 337 लोगों का ऋण स्वीकृत किया गया। वहीं पीएमईजीपी अंतर्गत वर्ष 2023-24 में कुल आवंटित लक्ष्य 186 है । जिसके विरूद्ध मार्च तिमाही तक 82 लाभुकों को ऋण प्रदान किया गया है। जो कि निर्धारित लक्ष्य का 44 प्रतिशत है जिसमें बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 37, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 13 एवं झारखण्ड राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा 11 ऋण स्वीकृत किए गए। पीएमएफएमई के तहत 2023-24 वर्ष में आवंटित कुल लक्ष्य 53 है।द्ध जिसके विरूद्ध कुल 65 लाभुकों को ऋण स्वीकृत कर लक्ष्य की प्राप्ति कर ली गई है जो कि सराहनीय है। बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 31 एवं झारखण्ड स्टेट कॉपरेटिव बैंक द्वारा 14, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 7 लोगों का ऋण स्वीकृत किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 के आदिम तिमाही तक बैंकों का कुल एनपीए 15439 लाख है जो कि कुल ऋण 128192 का 12.04 प्रतिशत है। इसके अलावा आरबीआई द्वारा सब्जी मंडी, टैक्सी चालकों जैसे सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचों को डिजिटल रूप से विकसित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत झारखंड राज्य में क्लस्टर की पहचान की गई है। बैंकों द्वारा 31 जुलाई 2024 तक पहचान किए गए क्लस्टर में कम से कम 80 प्रतिशत डिजिटल भुगतान कर डिजिटल रूप से सक्षम बनाने का प्रयास करेंगे। बैठक में डीडीसी, जीएम डीआईसी, जिला कृषि पदाधिकारी,जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिले के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

लक्ष्य के अनुरूप किसानों को केसीसी का लाभ देने का निर्देश

किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा में उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप किसानों को केसीसी का लाभ देने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को एलडीएम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए लाभुकों को केसीसी ऋण उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने लंबित पड़े आवेदनों का डिस्बर्शमेंट करने के लिए कृषि विभाग को अपने टीम को नियमित रूप से बैंक से समन्वय स्थापित करते हुए अपडेट रिपोर्ट प्राप्त करने की बात कही एवं योजनावार तरीके से केसीसी के लाभुकों को योजना का लाभ देने का निर्देश दिया।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।