DA Image
1 अक्तूबर, 2020|12:27|IST

अगली स्टोरी

डीसी की अध्यक्षता में वन स्टॉप सेंटर के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक

default image

डीसी शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में सोमवार को वन स्टॉप सेंटर के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आईटीडीए भवन स्थित उपायुक्त के कार्यालय प्रकोष्ठ में की गई। बैठक में समुदाय या कार्यस्थल में हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए चिकित्सीय सुविधा,पुलिस सहायता और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने,वन स्टॉप सेंटरों में कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति सहित अन्य विषयों पर बिन्दुवार समीक्षा की गई।बैठक में डीसी ने वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, समुदाय या कार्यस्थल में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की समीक्षा की गई।

जिसमें जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को सिविल सर्जन के द्वारा निःशुल्क चिकित्सीय सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान है। इस पर डीसी ने पीड़ित महिलाओं को हर प्रकार की आकस्मिक चिकित्सीय सहायता ससमय मुहैया कराने का निर्देश दिया।बैठक में उपायुक्त ने पीड़ित महिलाओं के लिए पुलिस सहायता की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने पीड़ित महिलाओं को त्वरित पुलिस सहायता मुहैया कराने हेतु पुलिस कर्मियों द्वारा कार्यशाला के माध्यम से संवेदनशीलता और बढ़ाने का सुझाव दिया। इस सुझाव पर उपायुक्त ने अपनी सहमति जताई। बैठक में उपायुक्त ने गुमला जिला में संचालित वन स्टॉप सेंटर्स की भौतिक व वास्तविक स्थिति की समीक्षा की। इस पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण वन स्टॉप सेंटर्स कार्यात्मक नहीं हैं। डीसी ने सेंटर्स के कार्यात्मक नहीं होने पर पीड़ित महिलाओं के आवासन की स्थिति की जानकारी ली।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर्स के कार्यात्मक नहीं होने के कारण फिलहाल पीड़ित महिलाओं को सिलम स्थित नारी निकेतन में ही आवासित किया जा रहा है। डीसी ने पीड़ित महिलाओं और किशोरियों के कल्याण और सशक्तिकरण के उद्देश्य से उन्हें सरकार के प्रावधानों का अधिकतम लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया।बैठक में उपायुक्त ने हेल्पलाईन संख्या 181 की समीक्षा की। बताया कि पीड़ित महिलाओं द्वारा हेल्पलाईन संख्या 181 पर संपर्क कर उनके साथ हुए हिंसा की शिकायत दर्ज कराई जाती है। वर्तमान में हेल्पलाईन संख्या 181 के माध्यम से छह शिकायत दर्ज किए गए हैं।बैठक में सदर थाना प्रभारी द्वारा बताया गया कि गुमला जिले में डायन बिसाही के मामले व्याप्त हैं।थाने में आए दिन डायन बिसाही से संबंधित मामलें दर्ज किए जाते हैं। इस पर डीसी ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को नागपुरी कलाकारों के लिए कार्यशाला का आयोजन कर जिले में डायन बिसाही उन्मूलन के लिए नुक्कड़ नाटक के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिय़ा।

इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस गंभीर विषय की ओर अपनी सजगता और संवेदनशीलता बढ़ाने का भी निर्देश दिया।वन स्टॉप केंद्र में एक ही छत के नीचे घरेलू हिंसा,सामुदायिक और कार्यस्थल हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न आदि की शिकार महिलाओं एवं किशोरियों को आकस्मिक चिकित्सीय सहायता,अल्पकालीन आवासीय सुविधा, पुलिस सहायता, नि:शुल्क विधिक सहायता और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है।

घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को एक फोन कॉल पर मदद,पीड़ित महिलाओं के लिए निःशुल्क मेडिकल जांच की व्यवस्था, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके लिए रोजगार उपलब्ध करवाना, आपात स्थिति में भोजन एवं आवासन की सुविधा, पीड़ित महिला एवं बालिकाओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं काउंसिलिंग की सुविधा मुहैया कराई जाती है। बैठक में डीडीसी संजय बिहारी अंबष्ठ, डीएसपी प्राण रंजन, अध्यक्ष बार काउंसिल नंदलाल, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सीता पुष्पा, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य, सदर थाना प्रभारी व अन्य उपस्थित थे।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Meeting of District Level Task Force for implementation of One Stop Center under the chairmanship of DC