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माओवादियों के बंद के फरमान से गुमला में पसरा सन्नाटा

माओवादियों के बंद के फरमान से गुमला में पसरा सन्नाटा

पत्थलगड़ी समर्थकों को जेल भेजे जाने और माओवादियों के खिलाफ पुलिसिया ऑपरेशन के विरोध में शुक्रवार को नक्सली संगठन द्वारा बुलाये गये बंद का असर गुमला जिले के विभिन्न प्रखंडो में देखने को मिला। लिहाजा माओवादी बंद को लेकर जिला मुख्यालय में भी सन्नाटा पसरा रहा।

शहर की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। यात्री वाहनों का परिचालन ठप रहा। सामान्य दिनों में बस पड़ाव से करीबन दो सौ यात्री बसें अलग-अलग जगहों के लिए खुलती हैं। शुक्रवार को इनमें से किसी का चक्का नहीं खिसका। लिहाजा यात्री वाहनों के नहीं चलने से यात्रियों को एक बार फिर फजीहत झेलनी पड़ी। कुछेक दिनों पहले ही माओवादियों के दो दिनी बंद के एलान पर भी आमलोग हलकान हुए थे। मेन रोड सहित अन्य प्रमुख जगहों पर शुक्रवार को विरानी पसरी रही। लोगों को चाय-नाश्ते के लिए तरसना पड़ा। कोर्ट-कचहरी, बैंक और सरकारी कार्यालयों में भी लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में कम दिखी। कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा। माओवादी बंद का असर कमोबेश सभी प्रखंडो में दिखा। विभिन्न प्रखंडो में शुक्रवार को लगने वाली साप्ताहिक हाट भी रौनकहीन रही।

चैनपुर में सीआरपीएफ से डॉग स्क्वायड की मदद से जांच की: बंद के दौरान चैनपुर प्रखंड मुख्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से ही न ही कोई व्यापारिक प्रतिष्ठान खुला और न ही बस का परिचालन हुआ। बंद को लेकर प्रशासन अलर्ट रही। सीआरपीएफ के जवान प्रखंड के सभी चौक-चौराहें पर मुश्तैद रहे और रास्ते से गुजरने वाले प्रत्येक छोटे-बड़े वाहनों को डॉग स्क्वायड की मदद से जांच की।

लोहरदगा में आंशिक असर: बंद का लोहरदगा में आंशिक असर रहा। बंदी के दौरान जिले में किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। नक्सलियों द्वारा हिंसक गतिविधियों की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। एसपी प्रियदर्शी आलोक के निर्देश पर संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की गश्ती तेज रही, वहीं कई स्थानों पर सशस्त्र पुलिस बल भी तैनात किया गया था। रेल यातायात सामान्य रहने से यात्रियों को राहत मिली। लम्बी दूरी के वाहन नहीं चले। सड़क यातायात व परिवहन बंद रहने से आम लोगों के साथ-साथ व्यवसायियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बंदी के कारण बस पड़ाव पर सन्नाटा पसरा रहा। कुडू प्रखंड मुख्यालय में वाहन का परिचालन आम दिनों की तरह हुआ।

घाघरा में 800 बॉक्साइट ट्रकों के पहिये थमे

घाघरा में बंद का खासा असर देखने को मिला। शुक्रवार को मुख्यालय में आवश्यक सेवाओं को छोड़ सभी दुकाने बंद रही। बॉक्साइड खदानों में काम ठप होने के कारण शुक्रवार को बॉक्साइड लोडिंग-ट्रास्पोटिंग पूरी तरह बाधित रहा। करीब आठ सौ ट्रकों के पहिये थमे रहे। यात्री वाहनों के परिचालन नहीं होने से कई लोग खासे परेशान नजर आयें। वहीं विशुनपुर में बॉक्साइड का उत्खनन-परिवहन बाधित रहा। इधर कामडारा में बंद असरदार रहा। कामडारा, पोकला, बाकूटोली की दुकानें बंद रही। रांची-सिमडेगा मुख्य पथ पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद रहा। वहीं हटिया झारसुगुड़ा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन सामान्य रहा। बंद प्रखंड में असरदार व शांतिपूर्ण रहा।

रायडीह में एनएच-78 पर दिन भर गश्ती

बंद के फरमान पर रायडीह प्रखंड मुख्यालय में मिला जुला असर रहा। व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के शटर सुबह से गिरे रहे। हांलाकि सरकारी कार्यालयों में कामकाज होता रहा। लेकिन अन्य दिनों की तुलना में उपस्थिति कम रही। नेशनल हाईवे 78पर वाहनों का परिचालन भी काफी कम रहा। वहीं नक्सली बंद को लेकर रायडीह पुलिस एनएच पर सारे दिन गश्त करती रही।

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  • Web Title:Maoists shut the siege of Gumla