ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News झारखंड गुमलागुमला ब्लड बैंक हर माह 900 यूनिट ब्लड जरूरमंदो को कराता है उपलब्ध

गुमला ब्लड बैंक हर माह 900 यूनिट ब्लड जरूरमंदो को कराता है उपलब्ध

गुमला ब्लड बैंक महीने लगभग 800-900 यूनिट ब्लड जरूरमंदो को कराता है उपलब्ध गुमला ब्लड बैंक महीने लगभग 800-900 यूनिट ब्लड जरूरमंदो को कराता है...

गुमला ब्लड बैंक हर माह 900 यूनिट ब्लड जरूरमंदो को कराता है उपलब्ध
default image
हिन्दुस्तान टीम,गुमलाThu, 13 Jun 2024 11:30 PM
ऐप पर पढ़ें

गुमला,प्रतिनिधि। विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर शुक्रवार की सुबह सदर अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला प्रशासन के कई विभाग व सदर हॉस्पिटल के कर्मी और रक्तदान करने वाले कई संस्थानों के सहयोग से शिविर को सफल बनाया जायेगा। करीब 12 लाख की आबादी वाली जिले गुमला में मात्र एक ही ब्लड बैंक है। जिसकी शुरुवात 19 मार्च 2008 में किया गया था। इसके बाद से ही इस केंद्र से गुमला समेत अन्य जिले के लोगो को ब्लड मुहैया कराई जाती है। प्रत्येक माह लगभग 800-900 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है। जिसकी आपूर्ति जिले के सभी प्रखंडों में विभागीय शिविर और कई संस्थानों द्वारा कैंप लगाकर की जाती है। गुरुवार के गुमला के ब्लड बैंक में 66 यूनिट ब्लड मौजूद है। साथ ही सिकल सेल व थैलीसीमिया के मरीजों को बिना डोनर के भी ब्लड मुहैय्या कराई जाती है,ताकि उनको किसी तरह की परेशानी का सामना नही करना पड़े। कभी ब्लड बैंक में किसी ग्रुप का ब्लड नहीं होने के कारण उस मरीजों के लिए संस्थानों से ब्लड डोनेट करा दिया जाता है। जिले के लोगों को रक्तदान के प्रति और जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि जिले में आसानी के साथ जरूरतमंद मरीजों को ब्लड मिल सके। अभी भी ऐसे लोग है खासकर ग्रामीण इलाकों में जो रक्तदान करने से परहेज करते हैं। यही वजह है की ब्लड को लेकर सबसे ज्यादा जरूरत व परेशान हाल में ग्रामीण इलाके के लोगों को देखा जाता है।कभी-कभार ब्लड बैंक में रक्त की कम स्टॉक होने पर मात्र एक आवाज लगाते के साथ कोई न कोई संस्थान आगे आकर अपनी सहभागिता दिखाते हैं।

वर्तमान में मौजूद है 66 यूनिट ब्लड

ब्लड बैंक गुमला में रक्त की कमी तो हमेशा से बनी रहती है। बावजूद इसके गुमला में मरीजों की मुश्किल को आसान करने के लिए कई संस्थान और नवयुवक हमेशा तैयार नजर आते हैं। जिले में मात्र एक ही ब्लड बैंक सदर हॉस्पिटल के प्रांगण में है। ब्लड बैंक में वर्तमान में 66 यूनिट ब्लड मौजूद है। जिसमें से ए पॉजिटिव 11 यूनिट, बी पॉजिटिव 14 यूनिट, ओ पॉजिटिव 35 यूनिट, एबी पॉजिटिव एक यूनिट, ए नेगेटिव एक यूनिट, बी नेगेटिव एक यूनिट, ओ नेगेटिव तीन यूनिट, एबी नेगेटिव शून्य है। गुमला ब्लड बैंक हमेशा एक्सचेंज के माध्यम से मरीजों को ब्लड देती है। जहां तक रक्तदान में कमी होने की बात है तो कभी कभी ऐसी परिस्थिति भी सामने आती है। थैलीसीमिया,कैंसर और डायलिसिस के मरीजों को कभी कभी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

कई संस्थान और युवा करते हैं रक्तदान

जिले में कई संस्थान और युवक ऐसे हैं जो संकट के साथी के तौर पर हमेशा तत्पर नजर आते हैं। आधी रात में भी मात्र एक फोन कॉल पर रक्तदान के लिए रहते हैं तैयार। जिले मुख्यालय में बजरंग दल,मारवाड़ी युवा मंच,टीम उम्मीद,रोटरी क्लब,लांयस क्लब,लाइफ लाइन,बज्मे रब्बानी कमेटी,जीवन क्लब,पालकोट ब्लड डोनेशन ग्रुप,घाघरा ब्लड डोनेशन ग्रुप के अलावे कई ऐसे संस्थान हैं, जो जो सूचना मिलते ही पहुंच जाते हैं रक्तदान करने। वहीं सामाजिक संस्थाएं की आए दिन रक्तदान शिविर लगाने का काम करते हैं।

जिले में 100 से अधिक मर्तबा रक्तदान कर चुकें हैं अशोक त्रिपाठी

गुमला। जिला मुख्यालय में सैकड़ों ऐसे लोग हैं जो ब्लड डोनेशन के तीन महीना गुजरते खुद ब्लड बैंक पहुंच जाते हैं ब्लड डोनेट करने। वहीं जिला मुख्यालय के डीएसपी रोड निवासी सामाजिक कार्यकर्ता 47 वर्षीय अशोक त्रिपाठी सन 1989 से रक्तदान करते आ रहे हैं। उन्होंने अभी तक 100 से भी अधिक बार रक्तदान कर लोगों जान बचाया है। इनके द्वारा की जा रही पुण्य की काम को आइकॉन बनाते हुए जिले वासियों को रक्तदान करने के लिए और जागरूक होने की जरूरत है,ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मदद कर उनकी जान की रक्षा की जा सके। आज भी किसी जरूरतमंद को ब्लड की समस्या की जानकारी मिलने पर तुरंत रक्तदान करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

यह हिन्दुस्तान अखबार की ऑटेमेटेड न्यूज फीड है, इसे लाइव हिन्दुस्तान की टीम ने संपादित नहीं किया है।