मदरसा अरबिया अबू हुरैरा में दस्तारबंदी जलसा आयोजित
गुमला के गांधी नगर में मदरसा अरबिया अबू हुरैरा में एक भव्य दस्तारबंदी जलसा आयोजित किया गया। इस अवसर पर 19 बच्चों को दस्तार-ए-फजीलत से नवाजा गया। कार्यक्रम में उलेमा और समाजसेवियों ने कुरआन की अहमियत पर चर्चा की और मदरसों की भूमिका को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।

गुमला प्रतिनिधि। जिला मुख्यालय के सिसई रोड स्थित गांधी नगर में गुरूवार रात मदरसा अरबिया अबू हुरैरा में गुरुवार को भव्य दस्तारबंदी जलसा का आयोजन किया गया। मौके पर मदरसा में तालीम हासिल कर रहे 19 बच्चों को दस्तार-ए-फजीलत से नवाजा गया। जलसे में बड़ी संख्या में उलेमा,हाफिज, समाजसेवी और आम लोग शामिल हुए। जिससे पूरा माहौल दीनी और रूहानी रंग में रंगा नजर आया। दस्तारबंदी जलसा को मुफ्ती अनवर कासमी, मुफ्ती सादुल नजीब (बंगाल), मौलाना असगर मिस्बाही और नेसार दानिश ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि कुरआन केवल पढ़ने की किताब नहीं है,बल्कि जिंदगी को सही दिशा में चलाने का मुकम्मल मार्गदर्शन देता है।
उन्होंने कहा कि जो लोग कुरआन को मिठास और दिल से पढ़ते हैं। कयामत के दिन उन्हें फरिश्तों के साथ उठाया जाएगा। वहीं जो लोग अटक-अटक कर भी क़ुरआन पढ़ने की कोशिश करते हैं। अल्लाह तआला उनके जज्बे से बेहद खुश होते हैं और उन्हें दोहरा अज्र अता फरमाते हैं।उड़ीसा से तशरीफ लाए मौलाना फैजुल रहमान उर्फ परवेज मौलाना ने कहा कि आज अगर समाज में दीनदारी कायम है तो उसकी सबसे बड़ी वजह मदरसे और उलेमा हैं, जो मदारिस की रोशनी से समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने उलेमा की भूमिका को समाज के लिए बेहद अहम बताया।कार्यक्रम में मदरसा के संचालक कारी शोएब, कारी आफताब, मौलाना वसीम, अंजुमन के सदर मुशाहिद आजमी, मकसूद, मौलाना सरफराज, मौलाना इसमतुल्लाह, मौलाना अकबर, मौलाना जकाउल्लाह, मौलाना मेराज, हाफिज अख्तर, मो. शहजाद, शादाब नैय्यर, आरिफ नैयर, हाजी अब्दुल मन्नान, हाजी आफ़ताब, कलीम अख़्तर सहित हज़ारों की संख्या में लोग मौजूद थे।

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