गुमला में रसोई गैस की किल्लत से छोटे सिलेंडर की बढ़ी मांग
गुमला जिले में लगभग 40 दिनों तक चले युद्ध के कारण रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ गई है। घरेलू गैस की मांग में वृद्धि और आपूर्ति में कमी से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग छोटे गैस सिलेंडर का सहारा ले रहे हैं, जबकि बड़े सिलेंडरों की कमी बनी हुई है।

गुमला, प्रतिनिधि। करीब 40 दिनों तक चले युद्ध का असर अब गुमला जिले में भी साफ दिखने लगा है। जिले में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। घरेलू गैस की मांग जहां बढ़ी है, वहीं आपूर्ति कम होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े गैस सिलेंडर की कमी के कारण अब लोग मजबूरी में छोटे यानी पांच किलो वाले गैस सिलेंडर का सहारा ले रहे हैं। पहले सरकार द्वारा छोटी गैस सिलेंडर योजना चलाई गई थी,लेकिन उस समय लोगों ने इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया। अब जब किल्लत बढ़ी है तो लोग उसी योजना में नाम दर्ज कराने के लिए भटक रहे हैं।
जिला मुख्यालय में पहले दो-तीन दुकानों पर छोटे गैस सिलेंडर की रिफिलिंग कर लोग काम चला लेते थे, लेकिन अब वहां भी गैस की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई है। हालांकि जिले में मौजूद तीन गैस एजेंसियों पर छोटे सिलेंडर किसी तरह उपलब्ध हो रहे हैं, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति कम पड़ रही है। जानकारों का कहना है कि युद्ध के कारण जिले में गैस की आपूर्ति घट गई है। हालांकि जो गैस आ रही है, उसका सही तरीके से वितरण हो तो जरूरतमंद लोगों की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। जिले में करीब 50 हजार से अधिक गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें इंडेन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहक शामिल हैं। ऐसे में आपूर्ति में कमी से आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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