पेसा नियमावली से ग्रामसभाएं होंगी और सशक्त : उपायुक्त
गुमला में शुक्रवार को पंचायत उपबंध झारखंड नियमावली- 2025 पर जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि पेसा नियमावली ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों का उत्तर दिया और पेसा कानून की स्पष्ट समझ विकसित की।

गुमला, संवाददाता। नगर भवन में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों का विस्तार) झारखंड नियमावली- 2025 को लेकर शुक्रवार को जिला स्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिसमें जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार देने का माध्यम है पेसा
जिला पंचायती राज पदाधिकारी शिशिर कुमार सिंह ने पेसा नियमावली को ग्राम सभा सशक्तिकरण और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उपायुक्त ने कहा कि पेसा नियमावली पूरी तरह लागू हो चुकी है और इसके प्रावधानों को लेकर जो भ्रम है। उसे दूर करने के लिए विशेषज्ञों के साथ यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है।उन्होंने कहा कि पेसा का मूल उद्देश्य पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत करना है। छोटानागपुर व संथाल परगना क्षेत्र में मुंडा-मानकी, भूमिज और हो समाज की परंपरागत व्यवस्था के अनुरूप ग्राम सभा संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि रिक्त पदों को परंपरा के अनुसार शीघ्र भरा जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभागीय पदाधिकारी व अभियंता नियमावली का गंभीरता से अध्ययन करें और अनुसूचित क्षेत्रों में सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पेसा प्रावधानों के अनुरूप सुनिश्चित करें। इससे ग्राम सभा की भागीदारी बढ़ेगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी।पेसा राज्य समन्वयक शैलेंद्र कुमार ने नियमावली की विस्तृत जानकारी देते हुए इसके उद्देश्य,ग्राम सभा की शक्तियों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं जनभागीदारी आधारित शासन प्रणाली पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया। जिससे नियमावली की स्पष्ट समझ विकसित हुई। मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला,एसपी हारिश बिन जमां,डीडीसी अनिमेष रंजन, डीएफओ बेलाल अहमद अनवर,अपर समाहर्ता, एसडीओ समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी ,सभी प्रखंडों के बीडीओ,सीओ ,ग्राम प्रधान,पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विशेषज्ञों ने दूर कीं प्रतिभागियों की शंकाएं
राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में पेसा राज्य समन्वयक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पंचायत उपबंध झारखंड नियमावली- 2025 अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से स्थानीय समुदायों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, विकास योजनाओं की निगरानी और स्थानीय परंपराओं के संरक्षण में अधिक अधिकार प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि पेसा कानून जनभागीदारी आधारित शासन व्यवस्था को मजबूत करता है और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है।
सम्मेलन के दौरान जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पेसा नियमावली से जुड़े विभिन्न सवाल उठाए। विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने नियमावली के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए सभी शंकाओं का समाधान किया। अधिकारियों ने बताया कि नियमावली का उद्देश्य ग्राम सभाओं को मजबूत बनाना और विकास योजनाओं में स्थानीय सहभागिता सुनिश्चित करना है। संवादात्मक सत्र के कारण प्रतिभागियों को पेसा कानून की स्पष्ट और व्यापक समझ मिली, जिससे इसके प्रभावी क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सुगम होगा।
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