इस्लाम प्रेम,भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है:इमाम रब्बानी

हिन्दुस्तान, गुमला
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गुमला में ईद अल-अजहा (बकरीद) का पर्व हर्षोल्लास और अकीदत से मनाया गया। मस्जिदों में नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ मांगी गई। मौलाना ने त्याग और बलिदान का संदेश दिया। भाईचारे के साथ लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह से सुनिश्चित की गई।

इस्लाम प्रेम,भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है:इमाम रब्बानी

गुमला, संवाददाता। ईद अल-अजहा (बकरीद) का पर्व बुधवार को जिलेभर में हर्षोल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। गुमला ईदगाह-मस्जिदो समेत शहर में 13 स्थानों और जिले के सभी प्रखंडों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर राज्य, देश और शहर में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। गुमला शहर के सिसई रोड स्थित ईदगाह में बड़ी जमात के साथ ईद की नमाज अदा की गई। नमाज की इमामत जामा मस्जिद के इमाम ऐनाम रब्बानी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ईद अल-अजहा का पर्व त्याग, बलिदान और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संदेश देता है। यह पर्व पैगंबर हजरत इब्राहिम द्वारा अपने पुत्र हजरत इस्माइल की कुर्बानी के लिए तैयार होने की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम प्रेम,भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है तथा सभी लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को जाति, धर्म या संप्रदाय के आधार पर तकलीफ नहीं पहुंचानी चाहिए। नमाज के बाद विशेष रूप से देश और दुनिया में अमन-चैन की दुआ की गई। मौके पर अंजुमन इस्लामिया गुमला के सदर मुशाहिद आजमी और सेक्रेटरी मकसूद आलम ने अंजुमन से जुड़े पदाधिकारियों, सभी मस्जिदों के उलेमा, इमाम, मोअज्जिन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर परिषद और शांति समिति के सदस्यों का सहयोग के लिए आभार जताया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान पहुंचे और अपने मरहूम परिजनों की मगफिरत के लिए फातिहा पढ़कर दुआ की।ईद की नमाज सुबह विभिन्न मस्जिदों और मदरसों में अलग-अलग समय पर अदा की गई। सिसई रोड स्थित मदरसा इस्लामिया फैज-ए-आम, मस्जिद फैजाने रजा, मस्जिद रजा-ए-मुस्तफा, मस्जिद होदा, मस्जिद गौसुल वरा, गौसिया मोती मस्जिद, कादरिया मस्जिद, मस्जिद रजा-ए-हबीब, मक्का मस्जिद, ख्वाजा गरीब नवाज मस्जिद अरमई शरीफ और आजाद बस्ती स्थित मदीना मस्जिद समेत कई स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की।

जारी थाना क्षेत्र में सौहार्द के साथ मनाई गई बकरीद

जारी। जारी थाना क्षेत्र के गोबिंदपुर, जरडा, परसा, बरवाडीह और सिकरी गांवों में ईद उल अजहा का पर्व श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी।गोबिंदपुर स्थित ईदगाह में हाफिज मौजसम और मौलाना नौशाद आलम फैजी ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। पूरे क्षेत्र में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया।पर्व को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जारी थाना प्रभारी शनि कुमार लगातार क्षेत्र में मुस्तैद रहे। उन्होंने विभिन्न ईदगाहों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया तथा लोगों को ईद की बधाई देते हुए आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की अपील की।

बकरीद त्याग, प्रेम और कुर्बानी का पर्व है: मौलाना रिजवी

कामडारा। प्रखंड में ईद उल अजहा का पर्व शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। नवनुरी मस्जिद कामडारा में मौलाना रूहुल्लाह रिजवी ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद मुल्क में अमन, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी गई।अपने संबोधन में मौलाना रूहुल्लाह रिजवी ने कहा कि बकरीद त्याग, प्रेम और कुर्बानी का पर्व है। पैगंबर इब्राहिम और हजरत इस्माइल की कुर्बानी हमें समर्पण और इंसानियत का संदेश देती है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया।पर्व को लेकर विभिन्न स्थानों पर कुर्बानी की रस्म अदा की गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर अंजुमन कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग उपस्थित थे।

भरनो में भाईचारे के साथ मनाई गई बकरीद

भरनो। प्रखंड में ईद उल अजहा का पर्व हर्षोल्लास, शांतिपूर्ण माहौल और भाईचारे के साथ मनाया गया। प्रखंड के विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में निर्धारित समय पर विशेष नमाज अदा की गई। सुबह से ही नमाजियों की भीड़ मस्जिदों और ईदगाहों में उमड़ी रही।नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी तथा अमन-चैन, सुख-समृद्धि की दुआ मांगी। इसके बाद लोगों ने अपने घरों में हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की याद में कुर्बानी की रस्म अदा की।भरनो बस्ती स्थित जामा मस्जिद में हाफिज इमरान ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद त्याग और बलिदान का पर्व है। उन्होंने लोगों से गरीबों और जरूरतमंदों का विशेष ख्याल रखने की अपील की। पर्व को लेकर भरनो पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी मौजूद थे।

सामान्य प्रश्न

ईद अल-अजहा कब मनाया गया?
ईद अल-अजहा (बकरीद) का पर्व बुधवार को मनाया गया।
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