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27 नवंबर, 2020|7:16|IST

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बगैर बच्चों को रोजाना संचालित होती है मिडिल स्कूल मुरगा

कामडारा प्रखंड क्षेत्र के नवसृजित राजकीय उत्क्रमित मिडिल स्कूल मुरगा की स्थिति काफी अजीबोगरीब है। इस बात का खुलासा बुधवार को स्कूल देखने के उपरांत हुआ। स्कूल खुला था, परंतु एक भी बच्चा स्कूल में पठन- पाठन के लिये मौजूद नही था। स्कूल में मौजूद एक मात्र पारा शिक्षिका आगाथा केरकेट्टा कुर्सी में बैठ उंघते हुये नजर आयी। जानकारी के मुताबिक उक्त स्कूल मे पहली कक्षा से लेकर सातवीं तक की पढाई कराया जाना है,जिसमें नामांकित कुल बच्चो की संख्या 16 है,परंतु बुधवार को एक भी बच्चे उपस्थित नही थे।स्कूल में पठन-पाठन के लिये दो शिक्षक पदस्थापित किये गये हैं।

हैरानी तो है अभी कुछ माह पूर्व ही कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को दूसरे स्कूलों में विलय किया गया है। बावजूद इसके मुरगा स्कूल के साथ यह लागू क्यों नही हुआ। मतलब साफ स्कूलों के विलय में शिक्षा विभाग ने पारदर्शिता नही बरती है। वहीं मुरगा स्कूल पदस्थापित सरकारी शिक्षक शरद कुमारअक्सर गायब रहते हैं ।इस स्कूल की स्थिति को देख कामडारा बीईईओ जयप्रकाश नारायण से बच्चों की अनुपस्थिति के बारे मे पूछताछ की गई ,तो उन्होने स्कूल की बदतर स्थिति को स्वीकार करते हुये कहा कि बच्चों के नही आने के कारण के बारे में शिक्षक ही बता सकते हैं। इधर स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चों के स्कूल नही आने का कारण शिक्षकों की लापरवाही बतायी है।

मुरगा गांव में बगैर छात्र-छात्राओं के चल रही स्कूल की खबर लगते ही कामडारा बीडीओ पवन महतो नें बुधवार को दिन के लगभग एक बजे नवसृजित रामवि मुरगा पहुंच स्थिति का जायजा लिया। और विद्यालय की स्थिति देख भौच्चक रह गये। उन्होने दूरभाष के माध्यम से बीईईओ जयप्रकाश नारायण से कारण पूछते हुये उक्त दोनो दोनों शिक्षकों के विरुद्ध स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया है।

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  • Web Title:Children are run daily without middle school