सोलर आधारित जल मीनार का प्रखंड में हाल है बेहाल
जल मीनार का प्रखंड में हाल है बेहाल 0 प्यास बुझाने को हुआ था निर्माण, अब हो चुकी है बेकार मुसाबनी । संवाददाता प्रखंड में आम लोगों की प्यास बुझाने

मुसाबनी । प्रखंड में आम लोगों की प्यास बुझाने के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कई उपाय किए गए हैं, सरकार की भी यही मंशा होती है कि सर्दी, गर्मी, बरसात किसी भी मौसम में आम ग्रामीणों को पेयजल की समस्या ना हो, इसके लिए पाइपलाइन द्वारा पेयजल पहुंचाया जाता है, चापाकल का निर्माण कराया जाता है, इसके साथ ही नई तकनीक का प्रयोग करते हुए सोलर आधारित लाखों रुपए की लागत के जलमीनार का भी निर्माण कराया गया था, जिसका विभाग एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा धूमधाम से अगरबत्ती दिखाकर नारियल छोड़कर पूजा पाठ कर शुभारंभ भी किया गया।
जलमीनारों की स्थिति
परंतु अब उनकी स्थिति जांचने पर पता चलता है कि प्रखंड की अधिकतर जल मीनार इस विभाग द्वारा जिनके द्वारा इनका निर्माण कराया गया था, देखभाल नहीं करने के कारण अब मात्र दिखावे की वस्तु बन कर रह गई है, कहीं सोलर आधारित जल मीनार का स्विच खराब हो गया है, कहानी बोरिंग खराब हो गई है, कहीं सोलर प्लेट चोरी हो गई है, कहीं इसके लिए लगाए गए टैब टूट गए हैं या चोरी हो गए हैं, परंतु जो भी हो अब ये जलमिनर जंगल झाड़ियां से घिरी अपनी दशा पर रो रही है, और आम ग्रामीण गर्मी के मौसम में स्वच्छ जल के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।
ग्रामीणों की समस्याएं
परंतु पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा अधिकतर जलमीनारों की मरम्मत नहीं कराया गया है, जबकि गर्मी आने से पूर्व उनकी मरम्मत जनप्रतिनिधियों या फिर विभागों को करा देना चाहिए था, ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध रहे, परंतु अब तो लोगों को पेयजल के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ता है, विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और खराब है, जहां जल मीनार खराब हो गई है, अब ग्रामीण इक्का दुक्का बचे चापाकल पर निर्भर है, या फिर प्राकृतिक नाला या खाल का पानी पीने को मजबूर हैं, जल्द से जल्द इस ओर विभाग को ध्यान देकर इन जलमीनारों की मरम्मत कराना चाहिए, ताकि आम लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए भटकना न पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


