Ghatsila News: जलमीनार खराब, गड्ढे का पानी पी रहे पोड़ा नीमडीह के ग्रामीण 

हिन्दुस्तान, घाटशिला
Follow us on Google News
share

Ghatsila News: पोटका के नीमडीह गांव में ग्रामीणों को पिछले एक महीने से गड्ढे का पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव का एकमात्र पेयजल स्रोत, सोलर जलमीनार, खराब हो गया है। पूर्व पंसस और स्थानीय निवासियों ने जलमीनार की शीघ्र मरम्मत की मांग की है।

Ghatsila News: जलमीनार खराब, गड्ढे का पानी पी रहे पोड़ा नीमडीह के ग्रामीण 

Ghatsila News: पोटका, संवाददाता। प्रखंड के सुदूर तेंतला पोड़ा पंचायत के पोड़ा गांव का टोला नीमडीह में इन दिनों ग्रामीणों को गड्ढे का पानी पीना पड़ रहा है। यह स्थिति एक माह से है। इस संबंध में पूर्व पंसस छुटू मुंडा ने कहा कि नीमडीह  गांव का एकमात्र पेयजल का स्रोत सोलर जलमीनार है।  डीएमएफटी फंड से बना सोलर जलमीनार बीते एक माह से ज्यादा समय से खराब हो गया है। इस संबंध में पंचायत के मुखिया को जलमीनार मरम्मत की सूचना दी गई, लेकिन जलमीनार मरम्मत नहीं हो सका। ग्रामीणों में दुलाड़ी मुंडा, मालती हेंब्रम,दिना मुंडा,बिशे मुंडा,बेजो मुंडा निकीता मुंडा,कोंगे मुंडा सहित अन्य ने शीघ्र जलमीनार मरम्मत कराने की मांग किया है।

Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsझारखंड न्यूज़घाटशिलाGhatsila News: जलमीनार खराब, गड्ढे का पानी पी रहे पोड़ा नीमडीह के ग्रामीण