Hindi NewsJharkhand NewsGhatsila NewsUnity and Development of Bhumiya Community Discussed in Jharkhand Conference
संगठित होकर दिशा तय करे भूमिज समाज : संजीव

संगठित होकर दिशा तय करे भूमिज समाज : संजीव

संक्षेप: पोटका में भूमिज मुंडा समाज के सम्मेलन में विधायक संजीव सरदार ने समाज की एकता और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में फैले समाज के लोगों को एकजुट होना होगा। शिक्षा मंत्री के निधन के बाद उपचुनाव को समाज की एकता की परीक्षा बताया।

Sat, 8 Nov 2025 02:42 AMNewswrap हिन्दुस्तान, घाटशिला
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पोटका। हमें भूमिज समाज को एकजुट करना होगा। झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम सहित कई राज्यों में हमारे समाज के लोग फैले हैं, लेकिन एकजुटता की कमी के कारण हम एक-दूसरे से जुड़ नहीं पा रहे हैं। अब समय है कि हम संगठित होकर समाज की दिशा तय करें। उन्होंने यह बातें घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के गालूडीह में शुक्रवार को भूमिज मुंडा समाज के सम्मेलन के दौरान कहीं। विधायक ने कहा कि शिक्षा मंत्री स्व. रामदास सोरेन के असामयिक निधन के बाद घाटशिला में उपचुनाव हो रहा है, जो समाज की एकता की परीक्षा है। विगत चुनाव में झामुमो ने पोटका से मुझे टिकट देकर भूमिज समाज को मान-सम्मान दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज मैं पूरे देश में भूमिज समाज से आने वाला एकमात्र वर्तमान विधायक हूं।

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यह गर्व की बात है। उन्होंने झामुमो सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार पेसा कानून को सख्ती से लागू करने के लिए काम कर रही है। मैं पिछले कुछ सप्ताहों में इस विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न भूमिज गांवों और टोलों का दौरा किया है, जहां समाज के लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। चुनाव के बाद समाजिक विकास को लेकर विशेष बैठक कर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। चार प्रखंडों से शामिल हुए समाज के लोग इस सम्मेलन में घाटशिला, मुसाबनी, धालभूमगढ़ एवं गुड़ाबांधा प्रखंडों से समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका के विधायक संजीव सरदार उपस्थित थे। सम्मेलन में घाटशिला क्षेत्र के समाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने समाज की एकता, अधिकार और विकास पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रीतम सिंह, झंटू सिंह, कालीराम सिंह भूमिज, शुभंकर सिंह भूमिज, तुषार कांत सरदार, प्रदीप सिंह, कार्तिक सिंह, सुकुमार सिंह, अमर सिंह सरदार, सुनील सरदार, बलराम सिंह, सुनाराम सिंह समेत हजारों की संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित थे।