चेंगजोड़ा में 12 लाख से बना आदिवासी कला संस्कृति भवन खो रहा अस्तित्व
चेंगजोड़ा में बना आदिवासी कला संस्कृति भवन खो रहा अपना अस्तित्व 0 कल्याण विभाग के किया गया था समाज के कार्यक्रम को लेकर निमार्ण 0 विधायक ने कहा कि क

घाटशिला, संवाददाता। घाटशिला प्रखंड के काशिदा पंचायत स्थित चेंगजोड़ा वनटोला में 12 लाख की लागत से बना आदिवासी कला संस्कृति भवन देखरेख के अभाव में अस्तित्व खो रहा है। इस भवन का निर्माण झारखंड सरकार के कल्याण विभाग की ओर से तत्कालीन विधायक सह शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने करवाया था। इसको बनाने का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज के शादी ब्याह, बैठक, पूजा पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करना था। निर्माण के साल भर तक तो भवन की देखरेख वनटोला समिति द्वारा ठीक-ठाक तरीके से किया गया, लेकिन भवन के कुछ सदस्य के विवाद में आ जाने के कारण इसकी देखरेख खटाई में पड़ गई।
यह भवन पिछले एक साल से अधिक समय से बेकार पड़ा है, और जंगल और झाड़ियों से इस प्रकार घिर गया है कि इसमें प्रवेश करना तक मुश्किल हो गया। इसके कारण इस भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसके कारण भवन जंगल में चारों ओर से घिरकर उद्देश्यविहीन होता जा रहा है। हालांकि कमेटी से जुड़े सदस्यों का सहना है कि भवन का उपयोग पिछले कुछ समय से नहीं हो पाया है, जिसके कारण वह जंगल झाड़ियों से घिर गया है, लेकिन होली के समय आने वाले बाहाबोंगा पर्व के दौरान पूरे परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ इसकी रंगाई-पोताई कर व्यवहार में लाया जायेगा और इसे किसी भी हाल में उद्देश्यविहीन होने नहीं दिया जायेगा। इस संबंध में विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने कहा कि उनके पिता के द्वारा जितने भी आदिवासी कला-संस्कृति भवन का निर्माण कराया गया है, अगर उसका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं किया जायेगा, जो इस मामले को लेकर वह स्वत: संज्ञान लेकर साफ-सपाई करवायेंगे और ग्रामीणों की कमेटी बनाकर उसका देखरेख सही तरीके से करवायेंगे।
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