
स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मिला प्रशिक्षण
पोटका में युवा संस्था द्वारा जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान के तहत स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य हिंसा पीड़ित महिलाओं की सहायता में उनकी भूमिका को मजबूत करना और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में कई विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
पोटका, संवाददाता। युवा संस्था के द्वारा जेंडर आधारित हिंसा के खिलाफ 16 दिवसीय अभियान के तहत मानसिक स्वास्थ्य एवं हिंसा पीड़ित महिलाओं की सहायता में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका पर प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सीएचसी पोटका में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेंडर आधारित हिंसा, डिजिटल हिंसा और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की भूमिका को मजबूत करना रहा। इसके पूर्व कार्यक्रम का उद्धघाटन संयुक्त रूप से अतिथियों सीएचसी प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड, बीपीओ अनामिका सिंह,फैसिलेटर बुढ़ाई मुर्मू, ब्लॉक आशा फैसिलिटेटर, कविता भगत एवं दीपाली पात्र, सहिया साथी; तथा अपर्णा वाजपेई, रिसोर्स पर्सन ने पौधा में पानी डाल कर किया।
मौके पर डॉ. रजनी महाकुड ने कहा कि जेंडर आधारित हिंसा लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को पीड़ित महिलाओं की पहचान, सहायता और उचित रेफरल में संवेदनशील भूमिका निभानी होगी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य की शुरुआत हमारी भावनात्मक समझ से होती है। मानसिक बीमारी के प्रमुख कारणों में सामाजिक परिस्थितियाँ, जैविक कारण, जीवन के कठिन अनुभव और नकारात्मक विचारों का बढ़ना शामिल हैं। लक्षणों की पहचान, प्रभावों को समझना और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के उपायों को विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर अंजना देवगम, चांदमनी संवैया सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थी।

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