Ghatsila News: त्रिपक्षीय वार्ता में बनी सहमति, एक्सेल इंडिया के ठेका मजदूर काम पर लौटे
Ghatsila News: जादूगोड़ा में एक्सेल इंडिया कंपनी के ठेका मजदूरों की 11 मांगों को लेकर चल रही हड़ताल त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हो गई। इस वार्ता में प्रबंधन ने मजदूरों की मांगों पर सहमति जताई, जिसके बाद काम फिर से शुरू हुआ। महिला कामगारों के लिए विशेष अवकाश और ओवरटाइम भुगतान पर भी सहमति बनी।

Ghatsila News: जादूगोड़ा। राखा स्थित एक्सेल इंडिया कंपनी परिसर में ठेका मजदूरों की 11 मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही हड़ताल आखिरकार गुरुवार को त्रिपक्षीय वार्ता के बाद समाप्त हो गई। कंपनी परिसर में आयोजित वार्ता में प्रशासन, मजदूर पक्ष और कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठे और मजदूरों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। वार्ता के बाद प्रबंधन द्वारा मांगों पर सहमति जताए जाने के बाद मजदूरों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही गुरुवार से रात्रि पाली में मजदूरों ने दोबारा काम शुरू कर दिया। त्रिपक्षीय वार्ता में प्रशासन की ओर से मुसाबनी से मजिस्ट्रेट के रूप में सुनील हेरेंज एवं थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा मौजूद रहे। वहीं, मजदूरों की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पुत्र सह भाजपा नेता बाबूलाल सोरेन ने नेतृत्व किया। कंपनी प्रबंधन की ओर से सुब्रह्मण्यम समेत अन्य पदाधिकारी बैठक में शामिल हुए।
डीएलसी कार्यालय में हुए समझौते को लागू करने की मांग
बैठक के दौरान मजदूरों की ओर से बाबूलाल सोरेन ने स्पष्ट रूप से कहा कि मजदूरों की मांगों को लेकर जमशेदपुर स्थित डीएलसी कार्यालय में पूर्व में प्रबंधन एवं मजदूरों के बीच जो सहमति बनी थी, उसे कंपनी प्रबंधन को हर हाल में लागू करना होगा। मजदूरों की मांगें किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि लंबे समय से काम कर रहे कामगारों के अधिकार और सुविधाओं से जुड़ी हैं। मजदूर पक्ष ने विशेष रूप से ट्रेनी कामगारों के भविष्य, महिला कामगारों के अवकाश, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा व्यवस्था, पहचान पत्र, पीएफ एवं अन्य श्रम सुविधाओं से जुड़े मुद्दे बैठक में रखे। चर्चा के बाद कंपनी प्रबंधन ने सभी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई।
एक वर्ष पूरा होने पर ट्रेनी को स्थायी करने की प्रक्रिया
समझौते के अनुसार वर्तमान में कार्यरत ट्रेनी कामगारों का नियमानुसार एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें स्थायी करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथ ही काम के दौरान ट्रेनी कामगारों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालने पर भी सहमति बनी। मजदूरों ने इस निर्णय को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि लंबे समय से ट्रेनी के रूप में कार्य कर रहे कामगारों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। अब एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद स्थायीकरण की प्रक्रिया अपनाए जाने से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
महिला मजदूरों को दो दिन विशेष अवकाश
वार्ता में महिला कामगारों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। प्रत्येक महिला कामगार को महीने में दो दिन का विशेष अवकाश देने पर सहमति बनी। इसके अलावा कंपनी परिसर में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर प्रबंधन द्वारा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की बात कही गई। कामगारों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य रखने पर भी सहमति बनी।
ओवरटाइम का मिलेगा भुगतान
कंपनी के अधीन यदि मजदूरों से ओवरटाइम कार्य कराया जाता है तो उन्हें नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा ट्रेनी कामगारों को भी स्थायी कामगारों की तरह कार्य का लक्ष्य देने की सलाह प्रबंधन को दी गई है। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में कारखाने में कुल 149 स्थायी एवं स्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारी हैं। वहीं सभी कामगारों को राष्ट्रीय अवकाश के नौ दिन तथा 15 दिनों का अर्जित अवकाश दिए जाने पर भी सहमति बनी।


