आवारा कुत्तों के आतंक से दहशत में 956 मतदाता, जीना मुहाल
चाकुलिया के वार्ड संख्या आठ में 956 मतदाता हैं। आवारा कुत्तों ने 15 लोगों को काटा और कई बकरियों को मार डाला है। रात के समय बाइक सवारों का सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है।

चाकुलिया, संवाददाता। नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या स्थित मुस्लिम बस्ती में 956 मतदाता हैं। लेकिन इस वार्ड में आवारा कुत्ते स्थानीय निवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गये हैं। आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है। बीते छह माह में अब तक कुत्तों ने 15 लोगों को काट कर जख्मी किया है और एक दर्जन बकरियों को मार डाला है। स्थानीय ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है। क्षेत्र में कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके आक्रामक व्यवहार ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। लोगों ने आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं करने का आरोप लगाया है।
रात के समय बाइक सवारों का सड़क से गुजरना दूभर ये कुत्ते न केवल राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं, बल्कि आए दिन मवेशियों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि रात के समय बाइक सवारों का सड़क से गुजरना दूभर हो गया है। क्योंकि कुत्ते झुंड बनाकर उन्हें काटने के लिए दौड़ते हैं। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवारा कुत्ते कभी भी किसी भी व्यक्ति या बच्चे पर जानलेवा हमला कर सकते हैं। लेकिन इस गंभीर समस्या के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने जल्द से जल्द आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें। क्या कहते हैं लोग अब तो घर से निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। कुत्ते इतने आक्रामक हो गए हैं कि वे राह चलते किसी भी व्यक्ति पर हमला कर देते हैं। हमारे मोहल्ले में बच्चों का घर से बाहर निकलकर खेलना पूरी तरह बंद हो गया है। -मो. सलीम, ग्रामीण, वार्ड संख्या आठ। रात के समय बाइक से गुजरना मौत को दावत देने जैसा है। जैसे ही बाइक की रोशनी कुत्तों पर पड़ती है पूरा झूंड पीछे पड़ जाता है। कई बार लोग गिरते-गिरते बचे हैं। अगर समय रहते प्रशासन ने कुछ नहीं किया तो यहां कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। - मो. गुलाब, पूर्व वार्ड मेंबर, वार्ड संख्या आठ। सिर्फ इंसानों को ही नहीं ये कुत्ते हमारे मवेशियों को भी निशाना बना रहे हैं। आए दिन किसी न किसी के पालतू जानवर को ये जख्मी कर देते हैं। हम अपने घरों में भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।- मो. साजिद मैंने अपने जीवन में कुत्तों का ऐसा आतंक पहले कभी नहीं देखा। ये झुंड बनाकर शिकार की तलाश में रहते हैं। प्रशासन को बार-बार सूचित करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है- याकूब अंसारी, ग्रामीण, वार्ड संख्या आठ। सुबह-सुबह हमारे बच्चों को ट्यूशन या स्कूल जाने में बहुत डर लगता है। सड़कों पर जगह-जगह कुत्तों का डेरा रहता है। हमें मजबूरन हाथ में डंडा लेकर बाहर निकलना पड़ता है। नगर पंचायत को जल्द से जल्द इन कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था करनी चाहिए।- मुख्तार आलम, ग्रामीण, वार्ड संख्या आठ। वार्ड संख्या आठ इन दिनों दहशत के साये में है। स्थिति यह हो गई है कि घर से बाहर कदम रखना भी खतरे से खाली नहीं है। आवारा कुत्तों की संख्या और उनका आक्रामक व्यवहार इतना बढ़ गया है कि अब ये कुत्ते केवल राहगीरों को डराते नहीं हैं बल्कि सीधे जानलेवा हमला कर रहे हैं।- मुफ्ती सिद्दीकी अहमद।
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