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24 जनवरी, 2020|1:28|IST

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राज्य पिछड़ा आयोग की टीम ने किया कोकदा व कालिकापुर का दौरा

राज्य पिछड़ा आयोग के सचिव कमल जॉन लकड़ा एवं सदस्य अरुण कश्यप ने पोटका प्रखंड के कोकदा और कालिकापुर गांव का शनिवार को दौरा किया। दौरे के क्रम में टीम ने गांव में कुम्हार कुंभकार जाति एवं कुम्हार प्रजापति नामों की विसंगतियों को बारिकी से जानकारी ली। समाज का खतियानी में कहीं भी प्रजापति नाम दर्ज नहीं है। इसकी सही हकीकत जानने के लिए उन्होंने दोनों गांव में बारी-बारी से प्रबुद्ध लोगों से पूछताछ की और कागजों एवं खतियान का गहन जांच किया।

जांचोपरांत पाया गया कि खतियान में कहीं भी प्रजापति नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। खतियानी पर्चा में सिर्फ कुम्हार कुंभकार जिक्र है।आदिम कुम्हार महासंघ द्वारा आयोग के समक्ष एवं विधानसभा में आवेदन किया गया था। इस आवेदन में समाज के लोगों ने कहा था कि प्रजापति नाम का यहां कोई सरनेम (उपनाम)नहीं है इसी आलोक में राज्य पिछड़ा आयोग की टीम ने हकीकत जानने के लिए इन गांवों का दौरा किया दौरा करने के उपरांत टीमों ने कोल्हान प्रमंडल के कई गांवों का दौरा कर वस्तु स्थिति की जानकारी ली जानकारी के उपरांत पिछड़ा आयोग के सचिव कमल जॉन लाकड़ा एवं सदस्य अरुण कश्यप ने बताया कि कुम्हार कुंभकार टाइटेनिक है कुम्हार प्रजापति नहीं है।

उन्होंने बताया कि हगने जिस जिस क्षेत्र का भ्रमण किया वहां खतियान में कुमार कुंभकार ही दर्ज है प्रजापति कहीं नहीं जिक्र किया गया है। कुम्हार कुंभकार झारखंड के मुख्य जाति हैं। उन्होंने कहा कि इन सारी बातों का प्रतिवेदन राज्य आयोग के अध्यक्ष को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट पर सहमति मिलने पर इसे कार्मिक विभाग को भेजा जाएगा। इसके पूर्व कालिकापुर में कुम्हार जाति के प्रतिनिधियों ने आयोग के सदस्यों का जोरदार स्वागत किया गया। स्वागत के उपरांत लोंगो ने समस्याओ से रूबरू करवाया। पिछड़ा आयोग की टीम के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभास चंद्र दास, अंचलाधिकारी द्वारिका बैठा, कुम्हार समाज के लोगों में फकीरचंद भगत, दीपक भगत ,संजीव भगत ,हिमांशु भगत, हितेश भगत, ग्राम प्रधान सुबलचंद्र भगत, मनोज कुमार भगत, साधु चरण पाल, जागरण पाल, डॉक्टर एस के चौधरी अश्वनी कुंभकार कृष्ण चंद्र कुंभकार फनी भूषण कुंभकार किस्टो कुंभकार बृहस्पति भगत अनिल कुंभकार आदि उपस्थित थे।

कुम्हार समाज के प्रबुद्ध प्रतिनिधि उतम कुमार भगत ने इस संबध में कहा है कि समाज के लोग कई सालों से इन मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ रहे थे। पूरे झारखंड में प्रजापति नाम नहीं है खतियायानी में सिर्फ कुम्हार कुंभकार का ही जिक्र किया गया है। उन्होंने अविलंब प्रजापति नाम हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पोटका विधानसभा में कुम्हारों की संख्या 60 से 70 हजार की है। इस संबध में समाज के दीपक भकत ने भी पिछड़ा वर्ग की सूची से प्रजापति को हटाने के साथ कालिकापुर पंचायत में आरक्षण को भी विलोपित करने की मांग की है।

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  • Web Title:State Backward Commission team visited Kokda and Kalikapur