पोटका : बालू के अवैध परिवहन के खिलाफ ग्रामीणों ने शुरू किया आंदोलन
पोटका प्रखंड के रसूनचोपा क्षेत्र में बालू की कमी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। ओडिशा से ट्रकों के माध्यम से बालू लाया जा रहा है, जबकि स्थानीय पंचायतों में बालू की कमी है। इससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आंदोलन की योजना बनाई है और प्रशासन से शिकायत करने का निर्णय लिया है।
पोटका । पोटका प्रखंड के रसूनचोपा अंचल क्षेत्र में बालू की किल्लत को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रतिदिन ओडिशा राज्य से तिरिंग गेट के रास्ते झारखंड में ट्रक एवं हाईवा के माध्यम से बालू लाया जा रहा है, जो एनएच-220 से होते हुए रसूनचोपा और हाता मार्ग से जमशेदपुर और पोटका की ओर ले जाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां एक ओर बाहरी बालू का बड़े पैमाने पर परिवहन हो रहा है, वहीं पोटका,रसूनचोपा, हल्दीपोखर ,कोवाली,कालिकापुर अंचल के तीन-चार पंचायतों में सरकारी योजनाओं और निजी निर्माण कार्यों के लिए बालू उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
इससे घर निर्माण, शौचालय निर्माण सहित अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।बालू संकट से परेशान ग्रामीण अब गोलबंद होकर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे गांव-गांव से एकजुट होकर ओडिशा से आने वाले अवैध बालू लदे ट्रक, हाईवा और ट्रैक्टर को रोकने का काम करेंगे।जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से करेंगे शिकायतग्रामीणों ने कहा कि वे जल्द ही इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार, जिले के उपायुक्त,डीएमओ एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को रखेंगे।
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