
तरबूज की खेती का हब बनेगा चाकुलिया का खाड़देवली: तरबूज के बीज बोने में जुटे हैं किसान
चाकुलिया प्रखंड के खाड़देवली गांव में तरबूज की खेती का जोर है। किसान 150 बीघा भूमि पर तरबूज उगा रहे हैं। दीपक मोंगराज ने 6 बीघा में खेती की है। फसल मार्च-अप्रैल में तैयार होने की उम्मीद है। व्यापारी सीधे गांव आकर 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तरबूज खरीद रहे हैं।
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत कालियाम पंचायत का खाड़देवली गांव इन दिनों तरबूज की खेती के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। गांव के किसानों ने इस वर्ष लगभग 150 बीघा जमीन पर तरबूज उगाने का संकल्प लिया है और वर्तमान में बीज बुवाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। खेतों में सुबह से ही किसानों की चहल-पहल देखी जा रही है, जो समय पर फसल तैयार करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं। गांव के किसान दीपक मोंगराज ने बताया कि वे इस बार छह बीघा जमीन पर तरबूज की खेती कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुवाई का काम समय पर पूरा होने के बाद मार्च - अप्रैल माह तक तरबूज की फसल पूरी तरह तैयार होकर बाजार में आने लगेगी।
उनके अनुसार खाड़देवली गांव के तरबूज की गुणवत्ता इतनी बेहतर होती है कि फसल तैयार होते ही पश्चिम बंगाल के बर्दमान, हुगली, धूलागढ़ और कोलकाता के साथ-साथ रांची जैसे बड़े शहरों से व्यापारी सीधे गांव तक पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि व्यापारी लगभग 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तरबूज की खरीदारी करते हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ता। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही अच्छा लाभ मिल जाता है।

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