खेती कर परिवार का लालन-पालन सहित बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठा रहे किसान कमल
गालुडीह के किसान कमल महतो ने 10 एकड़ भूमि पर सब्जी की खेती की है, जिसमें टिंडा, लौकी, भिंडी आदि शामिल हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से परिवार का भरण-पोषण किया और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया। सरकार से कोई मदद न मिलने के बावजूद, उन्होंने खुद बोरिंग कर खेती की और अच्छी कमाई की।

गालुडीह। उल्दा पंचायत के कोड़ासाई निवासी किसान कमल महतो के खेत में भीषण गर्मी में भी लगभग 10 एकड़ जमीन पर लगी सब्जी की खेती क्षेत्र के लिए उदाहरण की तरह है। उन्होंने टिंडा, लौकी, नेनुआ, भिंडी, टमाटर, तरबूज और गर्मा धान सहित साग की खेती की है। किसान महतो ने कहा कि कई वर्षों से वह खेती कर परिवार का लालन-पालन सहित बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च उठा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती के दम पर ही एक पुत्र प्रकाश महतो को सरकारी शिक्षक बनाया। दूसरा भी होमगार्ड की नौकरी ली थी पर छोड़ दिया। सरकार की तरफ से खेती के लिए उन्हें कोइ सुविधा आजतक नहीं मिली।
स्वयं से डीप बोरिंग करा और तालाब के माध्यम से खेती कर रहे हैं। कमल महतो ने कहा कि टिंडा बाजार में 100 रुपए किलो बिक रहा था। लेकिन अचानक बीमारी लगी और पत्ता पीला होने लगा। दबाई देने पर भी कोई फायदा नहीं हुआ। किसान ने अन्य किसानों को कहा कि व्यक्ति में अगर कुछ कर गुजरने की झमता हो तो कोई काम छोटा नही होता है। कड़ी मेहनत कर किस्मत की लकीर व्यक्ति खुद लिख सकता है। उन्होंने कहा कि सब्जी खेती कर वह हर साल अच्छी कमाई कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा है।
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