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आम बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने नकारा

आम बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने नकारा

संक्षेप:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आम बजट को किसानों ने नकारा और शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए सराहा। बजट में सौर ऊर्जा सब्सिडी और कृषि बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया गया है, लेकिन टैक्स राहत की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। स्थानीय किसान सब्सिडी के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं।

Feb 02, 2026 12:54 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, घाटशिला
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आम बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने नकारा घाटशिला, संवाददाता। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश की गई बजट की किसी ने सराहना की तो किसी ने एक सिरे से नकार दिया और किसान एवं गरीब विरोधी बताया। हालांकि शिक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर लोगों ने बजट में विशेष प्रावधान केंद्र सरकार द्वारा दिये जाने को लेकर इसकी चहुंओर सराहना हो रही है। किसानों द्वारा जहां सौर ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में सब्सिडी के धरातल पर क्रियान्वयन की मांग काफी दिनों से की जा रही थी, वहीं युवा और व्यापारी वर्ग टैक्स में राहत और रोजगार सृजन की उम्मीद कर रहे थे, वह सब बजट में दिख रहा है।

स्थानीय किसान सौर ऊर्जा सब्सिडी और कृषि बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन वे सब्सिडी के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग कर रहे हैं ताकि इसका लाभ बिचौलियों के बजाय सीधे उन्हें मिले। आम बजट सराहनीय है, यह एक सधा हुआ बजट है। इस बजट में शिक्षा पर सरकार द्वारा विशेष जोर दिया गया है। सरकार द्वारा महिला शिक्षा को लेकर जो छात्रावास खोलने की घोषणा की गई है, वह तारीफ योग्य है। -गोमा महतो, शिक्षक। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कई घोषणा कर यह जता दिया कि शिक्षा को आगे ले जाकर ही देश में विकास संभव है। शिक्षा और सेमी स्किल्ड के विकास पर जोर दिया गया है। खासकर प्रत्येक जिले में एक-एक महिला छात्रावास स्थाना की घोषणा व निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना में सहायता की घोषणा बेहतर कदम है। -राजेश रौशन, शिक्षक। आम बजट में टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। उसके साथ बजट में किसानों को लेकर भी कोई विशेष पैकेज की बात नहीं कही गई है, कुल मिलकर बजट में कुछ नया नहीं है। -सरकार सोरेन, यूसील कर्मचारी। सामानों के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन इस बजट में सामानों के दाम कम होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। महंगाई रोकने की दिशा में इस बजट पर कोई खास पहल नहीं की गई है। इससे घर का बजट का बोझ लगातार बढ़ते जा रहा है। -दीपाली भकत। इस बजट से हमलोगों को काफी उम्मीदें थी, सोचा था सामान के दाम कम होंगे, तो परिवार चलाने में थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन सरकार की ओर से कोई विशेष छूट किचेन के सामानों पर नहीं दी गई, जिससे घर का बजट और गड़बड़ा जायेगा। -चंदा मुखी, गृहणी। यह युवा वर्ग के विकास का बजट है। बजट से रोजगार और मध्यम वर्ग के उद्यमियों को रोजगार मिलेगा। सरकार पशु धन उद्योग और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। -अनिल अग्रवाल, व्यवसायी स्थानीय किसान सौर ऊर्जा सब्सिडी और कृषि बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर हम उत्साहित हैं, इस बजट में किसानों के लिए सरकार ने काफी सुविधा दी है, और कई वस्तुओं में सब्सिडी भी दी गई जिससे कृषि कार्य में राहत मिलेगी। -बोदेन मार्डी, किसान। किसानों के लिए इस बजट में सिर्फ लालीपॉप दिया गया है, सरकार ने किसानों के लिए जिन बातों की घोषणा की है, वह धरातल पर कितनी उतरती है देखने वाली बात होगी। उस पर ही किसानों के आर्थिक उपार्जन निर्भर करती है। -सुरेश हेम्ब्रम, किसान। -शिक्षा व स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम से नए रोजगार मिलने की उम्मीद है, लेकिन सरकार की घोषणा पर अमल कितना होता है, यह देखने वाली बात होगी। इसका धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं। -सुनीता नायक, बीएड की छात्रा। बजट में शिक्षा पर काफी जोर दिया गया है साथ ही साथ युवाओं को रोजगार से जोड़ने को लेकर भी कई घोषणा की है। अगर छात्र-छात्राओं के रोजगार के अवसर पर प्राप्त होंगे तो वह बेहतर शिक्षा हासिल कर सकते हैं। सरकार की बजट सराहनीय है। -जयंत बेरा, पीजी के छात्र। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह बजट मिल का पत्थर साबित होगा। केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई ऐसी घोषनाएं की गई है जिससे आने वाले सालों में गरीब एवं मध्यम वर्ग के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा, क्योंकि इस बजट में स्वास्थ्य से संबंधित वस्तुओं पर काफी छूट दी गई है। -भोगान हेम्ब्रम, चिकित्सक घाटशिला अनुमंडल अस्पताल। युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप और रोज़गार सृजन से जुड़े प्रावधान देश की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देंगे। बुनियादी ढांचे, सड़क, आवास, जल, बिजली और डिजिटल सुविधाओं पर निवेश से विकास की गति और तेज़ होगी तथा आम जनता के जीवन स्तर में सुधार आएगा। -सुनीता देवदूत सोरेन, चिकित्सक। फोटो-19 गोमा महतो। फोटो-20 राजेश रौशन। फोटो-21 सरकार सोरेन। फोटो-22 दीपाली भकत। फोटो-23 चंदा मुखी। फोटो-24 अनिल अग्रवाल। फोटो-25 बोदेन मार्डी। फोटो-26 सुरेश हेम्ब्रम। फोटो-27 सुनीता नायक। फोटो-28 जयंत बेरा। फोटो-29 भोगान हेम्ब्रम। फोटो-30 सुनीता देवदूत सोरेन।

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