
लैंपस में यूरिया नहीं, पांच रुपये अधिक खर्च कर खरीद रहे किसान
घाटशिला के किसानों को लैंपस से समय पर यूरिया खाद नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें बाजार में महंगे दामों पर यूरिया खरीदना पड़ रहा है। किसान धान की फसल के लिए यूरिया का छिड़काव करने में देरी का सामना कर...
घाटशिला, संवाददाता। घाटशिला प्रखंड के किसानों को सही समय पर लैंपस से यूरिया खाद नहीं मिलने के कारण किसानों को मजबूरी में काफी महंगे दामों में यूरिया खरीदकर खेतों में छिंटना पड़ रहा है, ताकी धान की खेती प्रभावित नहीं हो। लैंपस की आस छोड़कर किसान अब घाटशिला के बाजार में ही यूरिया खरीदते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, घाटशिला प्रखंड में 10 हजार 400 हेक्टेयर जमीन में धान की खेती होती है। किसानों को यूरिया की खाद हर साल लैंपस से लगभग 8 रुपये 50 पैसे प्रतिकिलों के हिसाब से मिल जाता था। लेकिन, इस बार यूरिया खाद लैंपस में पहुंचा ही नहीं है।
जिसके कारण बाजार से किसानों को 12 से 13 रुपये प्रतिकिलों के हिसाब से यूरिया खरीदना पड़ रहा है, जिसके कारण किसानों को कुछ ज्यादा ही जेब ढीली करनी पड़ रही है। पौधों में हरापन लाने के लिए खाद जरूरी : किसान इस संबंध में बांधडीह गांव के किसान मुचीराम सिंह, शैलेन्द्र मन्ना, शत्रुघ्न महतो, बंकिम भुईयां, प्रफ्फुलो सिंह आदि ने बताया कि धान में यूरिया डालने का समय पार हो जा रहा है, क्योंकि धान के पेड़ के जल्दी बढ़ने और उसमें हरापन लाने के लिए यूरिया का छिड़काव जरूरी था। लैंपस में कई बार यूरिया खाद लाने गये, लेकिन हर बार लैंपस सचिव ने यह कहा कि दो-चार दिन में यूरिया आ जायेगा, लेकिन अभी तक यूरिया गोराम तक नहीं पहुंचा है। जिसके कारण हमलोगों को गांव के दुकान या फिर घाटशिला और धालभूमगढ़ के बाजार से 12 से 13 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से यूरिया खरीदना पड़ रहा है, अगर लैंपस से यही यूरिया मिल जाता तो चार से पांच रुपये प्रतिकिलों कम खर्च करने पड़ते। लेकिन मजबूरी में फसल को बचाने के लिए बाजार से यूरिया लेना पड़ रहा है। कोट रांची ईफको को डेढ़ माह पहले 200 बोरा यूरिया देने को लेकर डिमांड भेजा गया था। लेकिन, अभी तक रांची से यूरिया मुहैय्या नहीं कराया गया है, जिसके कारण किसान को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर लैंपस के सदस्यों की बैठक गुरुवार को बुलायी गयी है, जिसमें कुछ ना कुछ निर्णय अवश्य लिया जायेगा। -तपन मार्डी, लैंपस सचिव

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