चाकुलिया: खेतों में लहलहाने लगे गरमा धान के पौधे
चाकुलिया प्रखंड में किसानों ने गरमा धान की खेती में रुचि बढ़ाई है। खेतों में रोपाई हो चुकी है और किसान सिंचाई तथा खाद डालने में जुटे हैं। हालांकि, किसानों को सिंचाई की सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। अगर सरकार बेहतर सिंचाई विकल्प प्रदान करती है, तो खेती में और अधिक वृद्धि हो सकती है।
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड में गरमा धान की खेती की ओर किसानों का झुकाव बढ़ा है। क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर गरमा धान की खेती करने लगे हैं। गरमा धान की रोपनी हो चुकी है और खेतों में पौधे लहलहाने लगे हैं। किसान खेत की सिंचाई करने और खाद डालने में जुटे हैं। प्रखंड के कालियाम, सरडीहा, कालापाथर, मालकुंडी पंचायत समेत अन्य कई पंचायत में किसानों ने बड़े पैमाने पर गरमा धान की खेती की है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष गरमा धान की अधिक खेती हुई है। कालियाम पंचायत के मुखिया सह किसान दासो हेंब्रम और गोपाल पात्र ने कहा कि किसानों ने निजी स्तर से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कर गरमा धान की खेती की है।
सिंचाई के लिए साधनों का अभाव है। सिंदरा खाल, चढ़ईडुबा नाला पर स्थापित पुरानी लिफ्ट इरीगेशन योजनाएं बंद हो चुकी हैं। चेकडैम टूट चुके हैं। ऐसे में किसानों के समक्ष सिंचाई की सुविधाओं का अभाव है। अगर सरकार की ओर से सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो क्षेत्र के किसान और भी बड़े पैमाने पर गरमा धान की खेती करने में सफल होते।
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