फर्जी तरीके से आयोजित की जा रही ग्राम सभाओं पर तत्काल रोक लगाएं
जुगीतुपा ग्राम पंचायत में पेसा नियमावली-2025 के तहत ग्राम सभाओं को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ है। माझी परगाना महाल ने बीडीओ को पत्र सौंपकर फर्जी ग्राम सभाओं पर रोक लगाने की मांग की है। पारंपरिक ग्राम प्रधानों की अनदेखी पर आदिवासी समाज के उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

चाकुलिया, संवाददाता। पेसा नियमावली-2025 के तहत जुगीतुपा ग्राम पंचायत में होने वाली ग्राम सभाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। माझी परगाना महाल (पोड़ीहाटी तोरोफ चाकुलिया) ने बीडीओ को एक पत्र सौंप कर फर्जी तरीके से आयोजित की जा रही ग्राम सभाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पारंपरिक व्यवस्था की अनदेखी की गई तो आदिवासी समाज की ओर से उग्र आंदोलन और भारी विरोध किया जाएगा। ज्ञापन में कहा गया है कि जुगीतुपा पंचायत में पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम सभा के माध्यम से सहायक सचिव और एक महिला सदस्य का चयन होना है। साथ ही बैंक खाता खोलने का प्रस्ताव भी पारित किया जाना है। नियमावली के अध्याय तीन के भाग तीन का हवाला देते हुए संगठन ने स्पष्ट किया है कि इन ग्राम सभाओं की अध्यक्षता अनिवार्य रूप से पारंपरिक ग्राम प्रधान जैसे माझी या मुंडा द्वारा ही की जानी चाहिए।
पारंपरिक ग्राम प्रधानों को पूरी तरह दरकिनार करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत के विभिन्न राजस्व गांवों में पारंपरिक ग्राम प्रधानों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है और कुछ लोग फर्जी तरीके से ग्राम प्रधानी का कार्य कर रहे हैं। इस मनमानी से अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के समाज में भारी आक्रोश है। माझी परगना महाल ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान में प्रस्तावित विवादित ग्राम सभाओं पर तुरंत रोक लगाई जाए और पंचायत को स्पष्ट निर्देश दिया जाए कि भविष्य में सभी ग्राम सभाएं केवल पारंपरिक ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में ही आयोजित हों। इस संबंध में उचित कार्रवाई के लिए पत्र की प्रतिलिपि अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और जमशेदपुर के उपायुक्त को भी भेजी गई है।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


