विस्थापितों की मांगो पर होगा सकारात्मक विचार: प्रबंधन
होगा सकारात्मक विचार - प्रबंधन जादूगोड़ा । संवाददाता यूसील जादूगोड़ा टेलिंग पोंड से सटे चाटीकोचा के विस्थापितों की मांगों को लेकर गुरुवार को यूस

जादूगोड़ा। यूसील जादूगोड़ा टेलिंग पोंड से सटे चाटीकोचा के विस्थापितों की मांगों को लेकर गुरुवार को यूसील जादूगोड़ा उप महाप्रबंधक राकेश कुमार के साथ ग्राम प्रधान मेघराय सोरेन समेत नूनाराम सोरेन, जगदीश मार्डी, आलोराम मार्डी , राचू बांद्रा की एक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में विस्थापितों की विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा किया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए ग्राम प्रधान मेघराय सोरेन ने कहा की वर्ष 1996 में यूसील प्रबंधन द्वारा बिना किसी सूचना दिये लगभग 46 घरों को ध्वस्त कर दिया था। जिससे की कई परिवार एक साथ बेघर हो गए थे ,साथ ही मजबूरन अपने परिवार संग गांव तक छोड़ना पड़ा था। जबकि अब सभी बेघर हुए परिवार एकत्रित हुए है और अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद करने लगे है। कहा की उन सभी परिवारों की माँगो को लेकर कंपनी में यह बैठक का आयोजन किया गया था।
वर्तमान माँग
वर्तमान में 46 परिवारों की माँग ,जमीन के बदले नौकरी या एक करोड़ रुपये मिले।
ज्ञापन और वार्ता
इस बारे में विस्थापित ईश्वर सोरेन ने कहा कि प्रबंधन को पूर्व में एक ज्ञापन दिया गया है जिसमे यह मांग किया गया है इन सभी मामलो को लेकर एक त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन कर मांगों पर स्थायी समाधान किया जाए। परंतु आज एक महीना बीतने को है और अभी तक प्रबंधन द्वारा ना ही त्रिपक्षीय वार्ता किया गया और ना ही मामले को संज्ञान में लिया। जिससे की अब विस्थापितों ने यह निर्णय लिया है की जमीन के बदले रोजगार या तो मुआवजा के रूप में पैसा दिया जाए। कहा की बारह डिसमल जमीन के बदले एक करोड़ रुपये या फिर खातियान के आधार पर कंपनी में स्थायी नौकरी दिया जाए।
प्रबंधन का आश्वासन
वही गुरुवार को यूसील जादूगोड़ा में ग्राम प्रधान मेघराय सोरेन के साथ हुई बैठक में प्रबंधन ने उन्हें आश्वासन दिया कि 46 परिवारों की जो भी माँग है उसे विस्तार से तैयार करके कंपनी को दे जिसके बाद वरीय अधिकारीयो के साथ उन मांगों पर विचार विमर्श कर सकारात्मक पहल किया जाएगा।
सामान्य प्रश्न
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