विश्व स्वास्थ्य दिवस : दो डॉक्टर के भरोसे 138 गांव की 70 हजार आबादी का इलाज

Apr 07, 2026 02:16 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, घाटशिला
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विश्व स्वास्थ्य दिवस : दो डॉक्टर के भरोसे 138 गांव की 70 हजार आबादी का इलाज

धालभूमगढ़, संवाददाता। दूसरों का ईलाज करने वाला धालभूमगढ़ प्रखंड का मुख्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज खुद बीमार नजर आ रहा है। इस केंद्र पर धालभूमगढ़ व गुड़ाबड़ा प्रखंड की चार पंचायतों को मिलाकर करीब 138 रेवेन्यू गांव की 70 हजार आबादी मात्र दो डॉक्टरों के भरोसे है। अस्पताल में अधिकतर कर्मचारी एजेंसी के माध्यम से ही नियुक्त हैं। इसके साथ भवन भी जर्जर हो चुका है। पंखे लगे हैं, मगर चलते नहीं हैं। ऐसी तो है मगर दरवाजा टूटा है। ऐसे में मरीजों की परेशानी बढ़ाना लाजमी है। रोजाना 80 से 100 मरीज आते हैं स्वास्थ्य लाभ कोजानकारी के अनुसार, यहां रोजाना 80 से 100 मरीज स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं।

स्वास्थ्य केंद्र में सात डॉक्टर की आवश्यकता है। इसमें स्वीकृत पद एमबीबीएस स्टार के चार और विशेषज्ञ के रूप में तीन डॉक्टर की स्वीकृति है। मगर स्वास्थ्य केंद्र में वर्तमान में एक एमबीबीएस एवं एक विशेषज्ञ डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। झारखंड स्वास्थ्य विभाग की ओर से इतनी बड़ी जनसंख्या को सेवा देने के लिए दो एएनएम पद की स्वीकृति है। मगर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से चार एएनएम एवं एक जीएनएम हैं।फार्मासिस्ट की बहाली नहींवहीं, लैब टेक्नीशियन के लिए एक पत्र स्वीकृत है। मगर दो लोग स्थापित हैं। फार्मासिस्ट की बहाली नहीं, आउटसोर्स से एक पद सृजित है, वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से प्रखंड प्रबंधक लेखा प्रबंधक आदि का कार्यालय पत्र स्वीकृत है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापना से स्वीपर के तीन पद हैं व नौ कर्मी आउटसोर्स पर उपलब्ध हैं। आउटसोर्स से दो स्टोर कीपर हैं, जबकि स्थापना से बहाली नहीं है। वैक्सीन ऑन दावों के रखरखाव के लिए कोई पत्र स्वीकृत नहीं है। मगर प्रभारी द्वारा व्यवस्थाओं के लिए व्यवस्था बनाने को दो लोगों की जिम्मेदारी दी गई है।पेयजल व बेड की है कमीयहां भवन जर्जर है, रंग-रोगन एवं ऊपरी मरम्मत के साथ भवन में स्वास्थ्य केंद्र चलाए जा रहा है। वार्ड में बेडों की संख्या भी कम है। यहां भवन के चौखट टूटे हुए हैं। समय पर कर्मियों की उपस्थिति नहीं होती है, रोगियों के बैठने के लिए अभी नई सेट अवश्य बनी है, मगर पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यह सब नंगी आंखों से देखी जा सकती है।कोटविभाग को समस्याओं से कराया गया है अवगत : प्रभारीइस संबंध में प्रभारी चिकित्सक गोपा नाथ महाली ने कहा कि सभी समस्याओं से विभाग को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक समस्या दूर नहीं हुई है।

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