स्कूल विलय पर हाथियों से डरे-सहमे टांगाशोल पढ़ने जा रहे 15 बच्चे
चाकुलिया प्रखंड के बड़ामारा पंचायत स्थित रांगामाटिया गांव के बच्चे हाथियों के आतंक और प्राथमिक विद्यालय के विलय के कारण समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बच्चों को स्कूल जाने के लिए घने जंगलों से गुजरना पड़ता है, जहाँ हाथियों का खतरा होता है। माताओं को अपने बच्चों को स्कूल पहुँचाने में कठिनाई होती है।

चाकुलिया, संवाददाता। चाकुलिया प्रखंड में हाथी प्रभावित बड़ामारा पंचायत में घने जंगलों के बीच बसे रांगामाटिया गांव के बच्चे हाथियों के बढ़ते आतंक और प्राथमिक विद्यालय के विलय का दंश झेल रहे हैं। वर्ष 2018 में रांगामाटिया प्राथमिक विद्यालय का विलय डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित टांगाशोल उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कर दिया गया था। जान को जोखिम में डाल जंगल के रास्ते रांगामाटिया के 15 बच्चों को विद्यालय जाना पड़ता है। जंगल में अक्सर हाथी रहते हैं। इस स्थिति में बच्चों की सुरक्षा को लेकर उनकी माताएं अपने बच्चों को स्कूल पहुंचाती हैं और छुट्टी के बाद घर लाती हैं। ऐसा भी होता है जब जंगल में हाथी होते हैं तो बच्चों को विद्यालय पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
हाथियों के रहने की स्थिति में कई दिनों तक बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। मंगलवार को बच्चों को माताओं ने साइकिल से स्कूल पहुंचाया था। 11 बजे छुट्टी होने के पूर्व माताएं स्कूल पहुंच गयी थीं। सुमित्रा गोप, पुतुल गोप, नमिता बागा, सुमित्रा हांसदा, जोबा रानी हांसदा, कंचन गोप समेत अन्य माताएं विद्यालय से जंगल के रास्ते अपने बच्चों को घर ले गयीं। वहीं, जिन बच्चों के अभिभावक नहीं आए, उन्हें प्रधानाध्यापक बाबूलाल सोरेन और शिक्षक अपनी बाइक से घर पहुंचाया।
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