
बाल अधिकार, बाल संरक्षण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
घाटशिला में बाल कल्याण संघ और मिराकेल फाउंडेशन द्वारा बाल अधिकार और बाल संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मियों और शिक्षकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। बीडीओ युनिका शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पंचायतों में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकता है।
घाटशिला, संवाददाता। बाल कल्याण संघ, मिराकेल फाउंडेशन, जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को घाटशिला प्रखंड सभागार में बाल अधिकार और बाल संरक्षण विषय पर एक दिवसीय प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों और पंचायत स्तर पर बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ बीडीओ युनिका शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाल अधिकार और बाल संरक्षण अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण विषय है, जिस पर केवल चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर गंभीरता के साथ लागू करने की आवश्यकता है।

आज के समय में बच्चों के सामने कई प्रकार की चुनौतियां और खतरे मौजूद हैं, जिनमें बाल विवाह, बाल श्रम, स्कूल छोड़ना, घरेलू हिंसा, यौन शोषण, ऑनलाइन अपराध और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति प्रमुख हैं। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका और अभिभावक की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा प्रखंड के सभी पंचायतों में कम से कम एक से दो आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है, जहां बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सीखने के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके। इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास बेहतर हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर बाल कल्याण और संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन का सहयोग लिया जाना चाहिए।

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