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राखा माइंस स्टेशन की बदली सूरत, पर ज्यादातर ट्रेनों का ठहराव नहीं

जादूगोड़ा क्षेत्र की यूरेनियम नगरी स्थित प्रसिद्ध रेलवे स्टेशन राखा माइंस को भारत सरकार के द्वारा काफी सुंदर एवं आकर्षक बनाया गया है। स्टेशन को...

राखा माइंस स्टेशन की बदली सूरत, पर ज्यादातर ट्रेनों का ठहराव नहीं
हिन्दुस्तान टीम,घाटशिलाThu, 07 Dec 2023 07:15 PM
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जादूगोड़ा क्षेत्र की यूरेनियम नगरी स्थित प्रसिद्ध रेलवे स्टेशन राखा माइंस को भारत सरकार के द्वारा काफी सुंदर एवं आकर्षक बनाया गया है। स्टेशन को चकाचक करने में सरकार के द्वारा लगभग करोड़ों रुपए खर्च किये गये हैं। नये प्लेटफार्म, नया टिकट काउंटर, समेत कई संरचना को नई तरह से बनाकर चकाचक किया जा रहा है। जहां एक और स्टेशन को चकाचक किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण एवं यात्रियों में काफी खुशी है। वही इन दिनों पुरानी भवन को तोड़कर अब टिकट काउंटर नयी भवन में खोला गया है। जिसका लाभ अब स्थानीय लोगों को मिल रही है। तो वहीं दूसरी ओर यात्रियों का यह भी मांग है कि ऐसा चकाचक स्टेशन का क्या फायदा, जहां जरूरी ट्रेन का ठहराव ही लोगों को ना मिले। कोरोना काल में जादूगोड़ा के राखा माइंस स्टेशन में शालीमार कुर्ला एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई लोकल ट्रेनों ठहराव बंद कर दिया गया है, जो अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है। जिसके कारण यात्रियों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। जादूगोड़ा के राखा माइंस स्टेशन से लगभग रोजाना 3000 यात्री सफर करते हैं। यहां टिकट की बिक्री भी काफी अधिक है। इसके बावजूद भी महत्वपूर्ण ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होना लोगों की नाराजगी का कारण है। जादूगोड़ा के राखा माइंस रेलवे स्टेशन में नई दिल्ली से पुरी जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन ठहराव की मांग लगभग 28 साल पुरानी है। इस ट्रेन के ठहराव होने से जादूगोड़ा के लोगों को देश की राजधानी नई दिल्ली एवं ओडिशा के पुरी, भुवनेश्वर आदि स्थान जाने में काफी आसानी होगी। अभी लोगों को यहां से घाटशिला स्टेशन या टाटानगर स्टेशन लगभग 25 किलोमीटर की दूरी हजार रुपया खर्च कर जाना पड़ता है

जादूगोड़ा वासियों को कोई भी सुविधा नहीं:

स्थानीय निवासी नारायण ने बताया कि सांसद के द्वारा कई स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव कराया जा रहा है, लेकिन जादूगोड़ा वासियों को अब भी किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव यहां काफी महत्वपूर्ण है। लोगों को यहां से शिक्षा, बीमारी, समेत कई कामों के लिए दिल्ली एवं ओडिशा जाना पड़ता है। लेकिन राखा माइंस से सीधा जाने वाले यहां से एक भी ट्रेन नहीं है। जबकि जादूगोड़ा में यूरेनियम का माइंस, एचसीएल, सीटीसी, सीआरपीएफ कैंप सहित कई संस्थान हैं, जहां के लोग लगातार रेल से यात्रा करते हैं।

फोटो-24 राखा माइंस स्टेशन का नया भवन।

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