चाकुलिया:पेयजल संकट से जूझ रहे हैं सिजबेड़िया के ग्रामीण: एकमात्र जर्जर कुआं बना है सहारा
चाकुलिया प्रखंड के जुगीतुपा पंचायत में ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यहां का एकमात्र चापाकल एक साल से खराब है और एक जर्जर कुआं ही पेयजल का स्रोत है। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और विभाग की उदासीनता की शिकायत की है, जिससे 20 परिवारों को स्वच्छ पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत जुगीतुपा पंचायत में सिजबेड़िया के ग्रामीण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। यहां के ग्रामीण पेयजल के लिए एकमात्र जर्जर कुआं पर आश्रित हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गांव का एकमात्र चापाकल एक साल से खराब है। एक कुआं जर्जर होकर बेकार पड़ा है। सिर्फ एक ही सरकारी कुआं है। यह भी जर्जर हो गया है। ग्रामीण एक कुआं से पेयजल लेते हैं। इस गांव में लगभग 20 परिवार निवास करते हैं। जनप्रतिनिधियों और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की उदासीनता से इस गांव के ग्रामीण आज भी स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं।एक वृद्धा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि पड़ोस के गांव किशोरीपुर में घर-घर नल से पानी पहुंचता है।
परंतु हमारे गांव में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है। गांव के राजू महतो, जीत वाहन महतो, सुमी महतो, प्रभाती महतो ने कहा कि हमारे गांव में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। अगर व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई तो भीषण गर्मी के दौर में हमें पानी के लिए तरस जाना पड़ेगा।

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