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चाकुलिया: ट्रेन दुर्घटना के कारण बन सकते हैं जंगली हाथी

पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में 40 से 50 जंगली हाथी उपद्रव मचा रहे हैं। जंगली हाथी रेलवे ट्रैक को अक्सर पार करते रहते हैं।...

चाकुलिया: ट्रेन दुर्घटना के कारण बन सकते हैं जंगली हाथी
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,घाटशिलाSat, 22 Jan 2022 03:32 AM

पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में 40 से 50 जंगली हाथी उपद्रव मचा रहे हैं। जंगली हाथी रेलवे ट्रैक को अक्सर पार करते रहते हैं। कभी-कभी तो हाथी रेलवे ट्रैक पर विचरण करने भी लगते हैं। ऐसे में जंगली हाथी किसी ट्रेन दुर्घटना का कारण बन सकते हैं और ट्रेन से कटकर हाथियों की मौत भी हो सकती है। चाकुलिया स्टेशन से पश्चिम बंगाल के गिधनी स्टेशन तक कई जगहों पर साल जंगलों के बीच से अप और डाउन रेल लाइन गुजरा है। इसी तरह चाकुलिया स्टेशन से धालभूमगढ़ तक कई साल जंगल है जिनके बीच से अप और डाउन रेल लाइन गुजरा है। इन दिनों रेलवे लाइन के अगल-बगल के इलाकों में हाथियों की आवाजाही अधिक हो गई है। कई जगहों पर हाथियों के दल को रेलवे ट्रैक पार करते भी देखा गया है। वैसे जब हाथियों की आवाजाही बढ़ जाती है तब रेल प्रशासन द्वारा ट्रेनों की रफ्तार धीमी करने का आदेश दिया जाता है।

विदित हो कि वर्ष 2018 के अगस्त माह में पश्चिम बंगाल के गिधनी और चाकुलिया के कानीमहुली स्टेशन के पास रात में तेज रफ्तार की अप ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की चपेट में आकर तीन जंगली हाथियों की मौत हो गई थी और ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई थी। इसी तरह वर्ष 2020 में चाकुलिया के सुनसुनिया के पास किसी ट्रेन की चपेट में आकर एक हाथी की मौत हो गई थी। इन घटनाओं के बावजूद भी वन विभाग और रेल प्रशासन ने कोई सबक नहीं ली है। रेलवे ट्रैक के अगल बगल हाथियों की आवाजाही बदस्तूर जारी है। 20 जनवरी की दोपहर करीब 25 जंगली हाथियों के एक दल ने चाकुलिया के सुनसुनिया जंगल के पास स्थित रेल फाटक को पार किया था। वर्ष 2020 में एक जंगली हाथी कोकपाड़ा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक किलोमीटर तक चला था।

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