चाकुलिया: जमुआ में हाथियों ने आम और बांस बागान को रौंदा: आम खाये और 50 पेड़ों को तोड़ डाला, किसान को 2 लाख का नुकसान
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड में भोजन और पानी की तलाश में भटक रहे हाथियों ने ग्रामीण जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है।
चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड में भोजन और पानी की तलाश में भटक रहे हाथियों ने ग्रामीण जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। जमुआ पंचायत के जमुआ गांव में विगत रात हाथियों के एक दल ने किसान कुनू मुंडा के आम और बांस के बागान को रौंद कर तहस नहस कर दिया। हाथियों ने पेड़ों में लगे आम को खाया और तोड़ कर बर्बाद कर दिया। बागान में हाथियों ने करीब 50 पेड़ों को भी तोड़ डाला। वहीं बांस के बागान में भी भारी तोड़ फोड़ की। इससे किसान कुनू मुंडा को भारी नुकसान हुआ है। कुनू मुंडा की जमीन पर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम के 224 पौधों का रोपण हुआ था।
विगत 2 साल से आम के पेड़ों ने फल देना शुरू कर दिया था। इस साल आम की बेहतर पैदावार हुई थी। आम पकने भी लगे थे। कुनू मुंडा ने बताया कि रात में जंगल से निकल कर करीब 15 हाथी आम के बागन में घुस आए और उपद्रव शुरू कर दिया। हाथियों ने पेड़ों से आम खाए और पेड़ों को भी तोड़ा। हाथियों ने बांस के बागान में भी बांस के अनेक पेड़ों को तोड़ा। आसपास के ग्रामीण जुटे और मशाल जला कर और पटाखे फोड़ कर हाथियों को भगाया। तब तक हाथी आम बागान को तहस-नहस कर चुके थे। हाथियों ने उन्हें करीब 2 लाख का नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि हाथियों के उपद्रव के कारण अब खेती मुश्किल हो गई है। जीना मुहाल हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी हाथियों ने भारी नुकसान पहुंचाया था। मुआवजा के लिए फॉर्म भरने के बाद भी वन विभाग में मुआवजे का भुगतान नहीं किया है।
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