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आक्रोश : दो साल होने को और एक इंच भी नहीं बनी सड़क

आक्रोश : दो साल होने को और एक इंच भी नहीं बनी सड़क

संक्षेप: बहरागोड़ा के जयपुरा चौक से जयपुरा नदी तक तीन किमी की सड़क निर्माण का शिलान्यास दो साल पहले हुआ था, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ। ग्रामीणों का सब्र टूट चुका है और वे आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। यह सड़क इलाके के लिए महत्वपूर्ण है और बीमार मरीजों के लिए एंबुलेंस का सहारा भी है।

Sat, 8 Nov 2025 02:43 AMNewswrap हिन्दुस्तान, घाटशिला
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बहरागोड़ा, संवाददाता। बहरागोड़ा के जयपुरा चौक एनएच-49 से जयपुरा नदी तक करीब तीन किमी की इस महत्वपूर्ण सड़क को बनाने को लेकर शिलान्यास हुए दो वर्ष होने को हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अब तक एक इंच काम भी शुरू नहीं हुआ। यह सड़क मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना से स्वीकृत हुई है। वहीं, अब ग्रामीणों का सब्र टूट चुका है, और आंदोलन का मूड बना चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे सीधे उपायुक्त, जमशेदपुर से मिलकर सड़क सुधार की मांग करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।

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सवाल उठता है कि जब नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में शिलान्यास का तमाशा हुआ तो डेढ़ साल बाद भी सड़क पर काम क्यों नहीं हुआ। सांसद और विधायक ने सड़क निर्माण को 2023 में किया शिलान्यास मालूम हो कि सड़क निर्माण को लेकर 07 दिसंबर 2023 को शिलान्यास बड़े जश्न और शोर-शराबे के बीच हुआ था। मंच पर जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो और बहरागोड़ा के विधायक समीर कुमार महंती उपस्थित थे। जनता को भरोसा दिलाया गया था कि सड़क निर्माण से इलाके का कायाकल्प होगा। लेकिन आज की स्थिति यह है कि न तो सड़क बनी और न ही कार्यकारी एजेंसी का कोई अता-पता है। न ही बोर्ड, न ही संवेदक और न ही काम। बहरागोड़ा-बंगाल सीमावर्ती इलाकों के लिए जीवनरेखा ग्रामीणों का कहना है कि कार्यकारी एजेंसी का नाम तक बोर्ड पर दर्ज नहीं है। गांव वालों ने बार-बार प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन हर बार आश्वासन मिला और काम का नतीजा शून्य ही रहा। यह सड़क केवल बहरागोड़ा ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों, खेडूआ और गोपालपुर पंचायत के हजारों लोगों के लिए जीवनरेखा है। यही सड़क छात्रों को विद्यालय और कॉलेज तक पहुंचाती है। बीमार मरीजों के लिए यही रास्ता एंबुलेंस का सहारा है। बरसात के दिनों में यह सड़क तालाब और टापू जैसी बन जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ती है। कोट जितनी सड़क निर्माण का काम बंद है, सभी का घाटशिला उपचुनाव के बाद शुरू करने की दिशा में पहल की जाएगी। वहीं, क्षेत्र की जितने भी सड़क जर्जर अवस्था में हैं उन सबकी डीपीआर तैयार कर फिर से नयी सड़क बनाने को लेकर पहल की जाएगी। -समीर कुमार महंती, विधायक