
सत्यनाथ मंदिर के सौ साल पूरे होने पर निकली कलश यात्रा
बहरागोड़ा के गुहियापाल में बाबा सत्यनाथ शिव मंदिर की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर एक महोत्सव आयोजित किया गया। भव्य कलश यात्रा से शुरू हुए इस समारोह में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पवित्र स्वर्णरेखा नदी के तट पर जल भरकर महिलाएं कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं। इस दौरान भंडारे की व्यवस्था भी की गई।
बहरागोड़ा, संवाददाता। इतिहास और आस्था जब एक साथ मिलते हैं, तो दृश्य अलौकिक हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा गुरुवार को बहरागोड़ा प्रखंड के गुहियापाल में देखने को मिला। क्षेत्र के प्राचीन बाबा सत्यनाथ शिव मंदिर की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह ने पूरे क्षेत्र को 'शिवमय' कर दिया है। वहीं इस पांच दिवसीय महोत्सव का आगाज भव्य कलश यात्रा से हुआ। श्रद्धालु सुबह से ही ज्योति पहाड़ी स्थित पवित्र स्वर्णरेखा नदी के तट पर एकत्रित होने लगे थे। साथ ही मंत्रोच्चार और वैदिक रीति-रिवाज से पूजन के बाद, 501 कलशों में जल भरकर श्रद्धालुओं का काफिला मंदिर की ओर बढ़ा।
सिर पर कलश धारण किए महिलाएं और 'बम भोले' के जयकारे लगाते युवाओं के उत्साह ने तपती राहों को भी भक्ति के आनंद से भर दिया। वहीं यात्रा का मुख्य आकर्षण गाजे-बाजे और पारंपरिक ढोल-मंजीरों की थाप रही। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ी, संकीर्तन की मधुर ध्वनि पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरे रास्ते में बाबा सत्यनाथ के जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले ही दिन 5000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई थी। मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सामूहिक सहयोग से आयोजित इस अन्न वितरण में सेवा भाव की अद्भुत मिसाल देखने को मिली।

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